राजस्थान में अवैध बजरी खनन रोकने पहुंची माइंस विभाग की टीम पर बजरी माफियाओं ने हमला कर एक कर्मचारी की जान ले ली।
राजस्थान के अजमेर जिले के भिनाय थाना क्षेत्र के ग्राम बड़ली में अवैध बजरी खनन रोकने पहुंची माइंस विभाग की टीम पर बजरी माफियाओं ने हमला कर एक कर्मचारी की जान ले ली।
अवैध बजरी स्टॉक की सूचना पर की गई कार्रवाई के दौरान जेसीबी चालक दीवार तोड़कर मौके से फरार हो गया। गिरी दीवार की चपेट में आने से माइंस विभाग के सुरक्षा गार्ड अमरसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।
घटना बड़ली गांव में खारी नदी किनारे स्थित एक बाड़े में हुई। सावर के सहायक खनिज अभियंता मनोज तंवर ने बताया कि अवैध बजरी खनन और परिवहन पर नजर रखने के लिए बड़ली में चेक पोस्ट स्थापित है। इसी दौरान नदी किनारे अवैध बजरी स्टॉक की सूचना मिली। इस पर फोरमैन महेन्द्रसिंह, सुरक्षा गार्ड अमरसिंह और दो होमगार्ड जवान मौके पर पहुंचे।
टीम को देखकर पहले ट्रैक्टर चालक फरार हो गया। कुछ देर बाद जेसीबी चालक ने तेज गति से मशीन भगाने का प्रयास किया और भागते समय बाड़े की दीवार तोड़ दी। दीवार गिरने से सुरक्षा गार्ड अमरसिंह गंभीर रूप से घायल हो गए।
घायल अमरसिंह को तत्काल बिजयनगर उप जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। सूचना पर माइंस विभाग और पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। डिप्टी हर्षित शर्मा, भिनाय थानाधिकारी ओमप्रकाश मीणा और एएसआइ गिरधारी सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया।
डिप्टी हर्षित शर्मा ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। शव बिजयनगर अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतक खारबारा बीकानेर का बताया जा रहा है। परिजनों को सूचना दे दी गई है। उनके बीकानेर से पहुंचने के बाद पंचनामा कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
घटना के बाद ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। ग्रामीणों का कहना है कि बड़ली खारी नदी क्षेत्र में अवैध बजरी खनन और परिवहन लंबे समय से जारी है। विशेष अभियानों के दौरान कार्रवाई जरूर हुई, लेकिन उसके बाद माफिया फिर सक्रिय हो गए।
ग्रामीणों ने पूर्व में भी कई बार अवैध बजरी खनन के विरोध में प्रदर्शन कर उच्च अधिकारियों को ज्ञापन सौंपे थे। बावजूद इसके ठोस और स्थायी कार्रवाई नहीं होने से बजरी माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और अवैध खनन पर पूर्ण अंकुश लगाने की मांग की है।
ग्राम बड़ली में एक मंदिर परिसर में बजरी का पुराना स्टॉक पड़ा था। उसे जेसीबी से ट्रैक्टर में भरा जा रहा था। इसी दौरान माइंस गार्ड अमर सिंह मौके पर पहुंचे। जेसीबी चालक भागने के प्रयास में गेट तोड़कर निकल गया, जिससे अमर सिंह दीवार की चपेट में आकर घायल हो गए। बिजयनगर अस्पताल में उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई।