Ajmer Police Honesty : अजमेर के आदर्श नगर थाने में तैनात एक सतर्क कांस्टेबल ने न केवल सड़क पर गिरा रुपयों से भरा बैग उठाया, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर उसके असली हकदार तक पहुंचाया।
अजमेर। खाकी सिर्फ कानून व्यवस्था ही नहीं, बल्कि ईमानदारी और मानवीय संवेदनाओं का भी प्रतीक है। इसका ताजा उदाहरण अजमेर जिले में देखने को मिला, जहां आदर्श नगर थाने में तैनात एक सतर्क कांस्टेबल ने न केवल सड़क पर गिरा रुपयों से भरा बैग उठाया, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल कर उसके असली हकदार तक पहुंचाया।
शनिवार को वैशाली नगर निवासी एक गरीब टैम्पो चालक महेन्द्र भाटी माखुपुरा से मसूदा की ओर जा रहा था। रास्ते में माखुपुरा आईटीआई के पास उसका बैग अनजाने में गिर गया। बैग में 30 हजार रुपए नकद और टैम्पो की आरसी समेत कई महत्वपूर्ण दस्तावेज थे। चालक को इस बात की भनक तक नहीं लगी और वह आगे निकल गया।
उसी रास्ते से पीछे आ रहे आदर्श नगर थाने के कांस्टेबल अरविन्द चौधरी की नजर लावारिस बैग पर पड़ी। जब उन्होंने बैग की जांच की, तो उसमें बड़ी मात्रा में नकदी और आरसी मिली। कांस्टेबल अरविन्द ने बिना समय गंवाए राजकॉप सिटीजन एप का सहारा लिया।
एप के जरिए आरसी नंबर से वाहन स्वामी की पूरी जानकारी निकाली और तुरंत टैम्पो चालक महेन्द्र भाटी से संपर्क किया। सत्यापन के बाद, पूरी नकदी और सभी दस्तावेज सुरक्षित रूप से चालक को सुपुर्द कर दिए गए। अपना खोया हुआ बैग और मेहनत की कमाई वापस पाकर गरीब चालक की आंखों में खुशी के आंसू छलक आए और उसने पुलिस का तहे दिल से आभार जताया।
जवान की इस निष्ठा और ईमानदारी की खबर जब जिला पुलिस अधीक्षक हर्षवर्धन अग्रवाला तक पहुंची, तो उन्होंने कांस्टेबल अरविन्द चौधरी की जमकर सराहना कर 1,000 रुपए का नकद पुरस्कार और प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया। एसपी अग्रवाला ने कहा कि कर्तव्य के प्रति ऐसी ईमानदारी अन्य पुलिसकर्मियों के लिए प्रेरणा है और भविष्य में भी नेक कार्य करने वाले कार्मिकों को प्रोत्साहित किया जाएगा।