उर्स अवधि में खादिमों को परिचय पत्र जारी किए जाएंगे।
अजमेर. ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 808 वें उर्स के दैारान अति महत्वपूर्ण व्यक्ति शुरुआती तीन दिन में ही चादर पेश कर सकेंगे। इसके अलावा उर्स अवधि में खादिमों को परिचय पत्र जारी किए जाएंगे।
दिए जाएं आईकार्ड
पुलिस अधीक्षक कुंवर राष्ट्रदीप ने दरगाह क्षेत्र में मजबूत बेरिकेटिग करने के अलावा खादिमों के परिचय पत्र जारी करने की जरूरत बताई। उन्होंने कहा कि तारागढ़ पर सुरक्षा के चलते एक सीमा से अधिक वाहनों को तारागढ़ नहीं जाने दिया जाएगा। ओवरलोडिंग वाहनों को सीज किया जाएगा।
बिजली पानी की हो व्यवस्था
जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा ने कहा कि ख्वाजा मोइनुद्दीन हसन चिश्ती के 808 वें सालाना उर्स के दौरान दरगाह क्षेत्र में पानी, बिजली एवं सफाई की व्यवस्थाएं चाक चौबंद होनी चाहिए ताकि जायरीन को असुविधाएं हों। उन्होंने कहा कि अति महत्वपूर्ण व्यक्ति उर्स के प्रथम दिन ही चादर पेश कर सकेंगे। कायड़ विश्राम स्थली क्षेत्र में रेस्टोरेंट और जायरीन छोटे घरेलू गैस सिलेंडर का उपयोग नहीं कर सकेंगे।
वाणिज्यिक सिलेंडरों के उपयोग करने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। खाद्य निरीक्षक इसी महीने से खाद्य पदार्थो की जांच प्रारंभ करेंगे। विश्राम स्थली पर रसद विभाग उचित मूल्य की दुकान, निर्धारित दर पर भोजन के पैकेट की व्यवस्था और डेयरी 24 घंटे दूध की उपलब्धता सुनिश्चित करेगी।
यह रहे बैठक में मौजूद
अतिरिक्त संभागीय आयुक्त सत्तार खान, अतिरिक्त जिला कलक्टर शहर सुरेश कुमार सिंधी, कैलाश चन्द्र शर्मा, हीरालाल मीणा, दरगाह कमेटी के नाजिम शकील अहमद, अंजुमन, दरगाह एवं तारागढ़ की विभिन्न कमेटियों के पदाधिकारी मौजूद थे।
पुलिस को करना पड़ा अंतिम संस्कार, नहीं मिल पाया कोई सुराग
ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में झालरे के निकट मिले शव की शिनाख्त नहीं हो पाई। पोस्टमार्टम और अन्य औपचारिकता के बाद पुलिस ने उसे दफना दिया।
9 जनवरी को दरगाह परिसर में झालरे के निकट युवक की लाश मिली थी। उसकी नाक से झाग निकल रहे थे। उसने कुर्ता-पायजामा और ऊपर लाल-सफेद रंग की जैकेट पहन रखी थी। साथ ही काले रंग का ऊनी बनियान भी पहने था। युवक करीब 32-33 साल का था। पुलिस ने शव को तत्काल जवाहरलाल नेहरू अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया था। करीब एक सप्ताह तक पुलिस ने युवक के किसी रिश्तेदार अथवा परिचित का इंतजार भी किया। कोई संपर्क नहीं होने पर औपचारिकता पूरी कर शव को दफनाया गया।