29 अक्टूबर 2026,

गुरुवार

Patrika Logo
home_icon

होम

इनस्टॉल ऐप

ई-पेपर

video_icon

शॉर्ट्स

profile_icon

प्रोफाइल

Birds Census: देशी-विदेशी मेहमानों पर नजरें, यूं होगी इनकी गिनती

वन विभाग प्रतिवर्ष पक्षियों की गणना करता है। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।
2 min read
Follow Patrika on Google News
Google source verification

अजमेर

•

image

raktim tiwari

•

Updated: 21 Jan 2020, 9:12 AM IST

birds census

birds census

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

वन विभाग (forest dept) देशी और प्रवासी पक्षियों की गणना की तैयारियों में जुट गया है। विभिन्न जलाशयों पर विभाग के कर्मचारी पक्षियों की गणना (census) करेंगे। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।

Read More:Patrika Bird Fair : देखें, बालु रेत पर किस तरह दिया पक्षी संरक्षण का संदेश

वन विभाग प्रतिवर्ष पक्षियों की गणना करता है। इनमें देशी (local) और प्रवासी (migratory) पक्षी शामिल होते हैं। जिले में आनासागर, फायसागर, किशनगढ में गूंदोलाव झील, ब्यावर में सेलीबेरी, माना घाटी, पुष्कर में गौमुख पहाड़, अरनिया-जालिया के बीच, नारायणसिंह का कुआं, सावर-कोटा मार्ग और अन्य स्थान पर गणना की जानी है।

Read More:Patrika Bird Fair : अलविदा... अगले साल फिर मिलेंगे...आप भी देखें परिंदों की सुंदर तस्वीरें

आनासागर में सर्वाधिक परीक्षा
देशी-विदेशी प्रवासी पक्षियों को आनासागर और इसके आसपास का क्षेत्र (area) पसंद है। यहां सागर विहार कॉलोनी के निकट छोटे से हिस्से में पक्षियों (birds variety) की बहुत तादाद रहती है। पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण, भोजन सहजता से उपलब्ध रहता है। इसके अलावा फायसागर झील में भी पक्षियों की आवक होती है।

Read More:Bird Fair :हजारों मील दूर से आते हैं विदेशी परिंदे

ये आते हैं प्रवासी पक्षी

कॉमन टील, रफ, लिटिल स्टैंट, लिटिल ग्रीन हैरोन, व्हाइट थ्रोटेड किंगफिशर, पाइड एवोकेट, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, ग्रेड व्हाइट पेलिकन, लार्ज कैरोमेन्ट, स्मॉल केरोमेन्ट, इंडियन केरोमेन्ट, लौंग टेल्ड श्राइक, लार्ज ईग्रेट, इन्टर मिडिएट इग्रेट, लिटिल ईग्रेट, कॉमन सैंडपाइपर, पौंड हेरोन, येलो वैगटेल, ग्रे वैगटेल, सिटनिर वैगटेल, पाइड वैगटेल लिटिल ग्रेब और अन्य

Read More:Bird Fair 2020 : चतुर्थ अन्तरराष्ट्रीय बर्ड फेयर 2020 का समापन

पत्रिका ने कराया बर्ड फेयर
राजस्थान पत्रिका के प्रयासों से शहर में लगातार चौथे बर्ड फेयर का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों (students), जनप्रतिनिधियों (politicians), प्रशासनिक अधिकारियों (officers) और आमजन की भागीदारी रही। लोगों ने प्रवासी और देशी पक्षियों की प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के अलावा उनके फोटो मोबाइल (mobile) और कैमरे (camera) में कैद किए। पत्रिका के प्रयासों से ही सागर विहार कॉलोनी में बर्ड पार्क का निर्माण हो रहा है।