अजमेर

PM मोदी ने जैसे ही पुकारा ‘बहन’ वसुंधरा का नाम, गूंज उठा पूरा पांडाल, तेज़ी से वायरल हो रहा ये वीडियो

जब राजनीति में 'पद' और 'कद' की बहस छिड़ती है, तो राजस्थान की पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे का नाम अक्सर शीर्ष पर आता है। शनिवार को अजमेर की 'कायड़ विश्राम स्थली' पर कुछ ऐसा ही नजारा देखने को मिला, जिसने यह साबित कर दिया कि सत्ता के समीकरण भले ही बदल गए हों, लेकिन जनता के दिलों और प्रधानमंत्री के सम्मान में राजे का रुतबा आज भी अडिग है।

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Mar 01, 2026

अजमेर। राजस्थान की राजनीति में शनिवार का दिन केवल विकास परियोजनाओं के नाम नहीं रहा, बल्कि यह 'सियासी केमिस्ट्री' का भी गवाह बना। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जब मंच पर आए, तो सबकी निगाहें इस बात पर थीं कि वे राजस्थान के वर्तमान और पूर्व नेतृत्व के साथ कैसे पेश आते हैं। लेकिन जैसे ही मोदी ने अपने संबोधन की शुरुआत की और 'बहन वसुंधरा जी' शब्द पुकारा, अजमेर के पांडाल में मौजूद भीड़ ने तालियों और नारों से आसमान गुंजा दिया।

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पांडाल की गूंज, 'रुतबे' ने दी गवाही!

मंच पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, उप-मुख्यमंत्री दीया कुमारी और भाजपा के कई दिग्गज मौजूद थे। प्रधानमंत्री ने शिष्टाचार के नाते सभी का नाम लिया, लेकिन जो उत्साह और शोर वसुंधरा राजे के नाम पर सुना गया, वह इस रैली का सबसे बड़ा 'हाइलाइट' बन गया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह शोर केवल एक नाम के लिए नहीं, बल्कि राजे की राजस्थान में गहरी पैठ और लोकप्रियता का परिचायक था।

मोदी-वसुंधरा 'बॉन्डिंग' का देखें वीडियो

'भाई-बहन' का वो आत्मीय रिश्ता

प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में वसुंधरा राजे को 'बहन' कहकर संबोधित किया। इस संबोधन पर राजे के चेहरे की मुस्कान और उनकी सौम्य प्रतिक्रिया सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है।

  • गदगद दिखीं राजे: पीएम के इस अपनत्व भरे संबोधन के बाद वसुंधरा राजे भी काफी खुश नजर आईं। दोनों नेताओं के बीच मंच पर दिखी यह 'बॉन्डिंग' उन अटकलों को शांत करने के लिए काफी है जो अक्सर उनके रिश्तों के बीच 'ठंडक' की बात करती हैं।
  • सम्मान का प्रतीक: राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि मोदी ने 'बहन' कहकर न केवल राजे के कद को स्वीकारा, बल्कि कार्यकर्ताओं को भी एक स्पष्ट संकेत दिया।

बिना संबोधन के भी 'लाइमलाइट' में राजे

अजमेर रैली का शेड्यूल काफी व्यस्त था। तय कार्यक्रम के अनुसार:

  • संबोधन: मंच से केवल कुछ ही नेताओं का संबोधन हुआ। सभा शुरू होने से पहले केंद्रीय मंत्री भागीरथ चौधरी, मंत्री सुरेश सिंह रावत और अविनाश गहलोत ने जनता को संबोधित किया।
  • पर्दे के पीछे की मेहनत: भाजपा प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड़ व्यवस्थाएं संभालते नजर आए, जबकि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने स्वागत भाषण दिया।
  • मौन की शक्ति: वसुंधरा राजे का मंच से कोई औपचारिक संबोधन नहीं था, बावजूद इसके वे पूरी सभा में 'चर्चा का केंद्र' बनी रहीं। यह दर्शाता है कि राजनीति में कभी-कभी आपकी उपस्थिति आपके शब्दों से ज्यादा शोर करती है।

सोशल मीडिया पर 'रुतबा' बरकरार

जैसे ही पीएम मोदी और वसुंधरा राजे का यह वीडियो इंटरनेट पर आया, #VasundharaRaje और #ModiInAjmer ट्रेंड करने लगा। समर्थकों ने "पद बदलते हैं, कद नहीं" के कैप्शन के साथ वीडियो को जमकर शेयर किया। कार्यकर्ताओं का मानना है कि राजे आज भी राजस्थान भाजपा की सबसे बड़ी 'क्राउड पुलर' हैं।

क्या हैं इसके सियासी मायने?

प्रधानमंत्री का अजमेर से राजे को इतना सम्मान देना राजस्थान की भावी राजनीति के लिए कई संकेत देता है:

  • एकता का संदेश: लोकसभा चुनावों के बाद और आगामी उपचुनावों से पहले बीजेपी यह दिखाना चाहती है कि संगठन में 'ऑल इज वेल' है।
  • राजे की स्वीकार्यता: यह स्पष्ट हो गया है कि राजस्थान की राजनीति में वसुंधरा राजे को नजरअंदाज करना नामुमकिन है।

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Updated on:
01 Mar 2026 12:36 pm
Published on:
01 Mar 2026 12:35 pm
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