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अजमेर.
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में सत्यार्थ सभागार (ऑडिटेरियम) का निर्माण कार्य धीमी रफ्तार से चल रहा है। दो साल पहले इसका शिलान्यास हुआ था, लेकिन राजस्थान स्टेट रोड डवेलपमेंट कॉरपॉरेशन अब तक इसका कार्य पूरा नहीं कर पाया है।
विश्वविद्यालय में स्टाफ क्वार्टर से सटी जमीन पर 980 सीट की क्षमता का हाईटेक सत्यार्थ सभागार बनाया जा रहा है। 14 अगस्त 2016 को पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने इसका शिलान्यास किया था। अव्वल तो एक साल तक सत्यार्थ सभागार का कामकाज ही शुरू नहीं हो पाया। विश्वविद्यालय ने राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान से प्राप्त 2 करोड़ रुपए का भुगतान भी कर दिया। लेकिन राजस्थान रोड डवेलपेंट कॉरपॉरेशन ने कोई परवाह नहीं की।.
..तब शुरू हुआ निर्माण कार्य
साल 2017 में लोकसभा उपचुनाव के चलते अजमेर में पूर्व सीएम कई बार आईं। इसके चलते कॉरपॉरेशन ने सितंबर में आनन-फानन में कामकाज शुरू कराया। लेकिन यह अब तक तैयार नहीं हो पाया है। यहां ग्रीन रूम, पोर्च, स्टेज, बालकॉनी, लिफ्ट और अन्य निर्माण होने हैं। फिलहाल सभागार का ढांचा ही तैयार हो पाया है। मालूम हो कि इसकी निर्माण लागत 17 करोड़ रुपए बताई गई है।
प्रो. सोडाणी हुए थे नाराज
पूर्व कुलपति प्रो. कैलाश सोडाणी ने सत्यार्थ सभागार का कामकाज शुरू नहीं होने पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने दूसरी निर्माण एजेंसी को कामकाज सौंपने की योजना भी बना ली। राजस्थान सहित अन्य प्रदेशों में कार्यरत एजेंसियों से संपर्क किया गया। उन्होंने सीएमओ और उच्च शिक्षा विभाग में भी आरएसआरडीसी के लेटलतीफी की शिकायत भेजी थी।
होगा अत्याधुनिक सभागार
विश्वविद्यालय का सभागार राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड के राजीव गांधी भवन से भी अत्याधुनिक होगा। इसमें सेंट्रल ए.सी. आरामदायक कुर्सियां, प्रोजेक्टर, स्क्रीन, हाइटेक साउंड सिस्टम, अग्निशमन यंत्र और अन्य संसाधन जुटाए जाएंगे। सभागार विश्वविद्यालय सहित संस्थाओं और आमजन को तयशुदा शुल्क पर उपलब्ध कराया जाएगा।