अजमेर

ये था बीजेपी का ड्रीम प्रोजेक्ट, कांग्रेस को करना है इसका फैसला

2019-20 में होनी है इन कोर्स की शुरुआत। सरकार बदलने के बाद बढ़ सकती है दिक्कत।
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Updated: 8 Jun 2019, 7:14 AM IST
b.ed course in state
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अजमेर.

प्रदेश में 53 तहसील में बीएड कोर्स की शुरुआत को लेकर सबकी निगाहें टिकी हैं। इनमें सत्र 2019-20 से बीएड कोर्स में प्रवेश होने हैं। पूर्ववर्ती भाजपा सरकार ने यह प्रस्ताव तैयार किया था। अब सत्तारूढ़ कांग्रेस सरकार को इस पर फैसला करना है।

प्रदेश में बीएड कोर्स में करीब 1 लाख सीट हैं। इनमें दो वर्षीय बीएड, चार वर्षीय बीएससी और बीए बीएड कोर्स शामिल हैं। इनके अलावा एमएड, एमपीएड, तीन वर्षीय इंटीग्रेटेड बीएड-एमएड कोर्स भी संचालित हैं। बीएड कॉलेज संभाग, जिला, उपखंड के अलावा तहसील मुख्यालयों पर हैं। पिछली भाजपा सरकार ने 53 तहसील में बीएड कोर्स खोलने का फैसला किया।

इनमें सत्र 2019-20 से प्रवेश देने की योजना बनाई गई थी। इसको लेकर प्रारंभिक तैयारियां भी हुई, पर मामला आगे नहीं बढ़ सका। पिछले साल राज्य में सत्ता परिवर्तन हुआ। लिहाजा बीएड कोर्स को लेकर उसे फैसला करना है। मालूम हो कि इस वर्ष दो वर्षीय बीएड और चार वर्षीय बीएससी-बीएड कोर्स की प्रवेश परीक्षा राजकीय डूंगर कॉलेज बीकानेर ने कराई है

यह हैं तहसील
अरांई, भिनाय, टांटोटी, टॉडगढ़, मसूदा, अबापुरा, छोटी सरवन, गागड़तलाई, गानोडा, छबड़ा, छीपाबड़ौद, बायतूं, गडरा रोड, गिडा, शिव, पहाड़ी, बदनौर, बनेड़ा, कोटड़ी, फूलियां कला, रायपुर, सहाड़ा, केशोरायपाटन, नैनवा, बेगूं, निम्बाहेड़ा, राजाखेड़ा, बिच्छीवाड़ा, चिकली, गलियाकोट, जोथाड़ी, सबला, रानीवाड़ा, गंगाधर, मनोहरथाना, बाप, बावड़ी, मांड्रयाल, सोजत, अरनोद, पीपलखूंट, भीम, गडबोर, खमनोर, कुंभलगढ़, बामनवास, खंडार, मलारना डूंगर, वजीरपुर, कोटड़ा, लसाडिय़ा, सराडा, सेमारी

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