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रक्तिम तिवारी/अजमेर।
प्रदेश के लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष में दाखिलों की अधिकतम आयु फिर परेशानी बढ़ाएगी। आयु को लेकर असमंजस बरकरार है। केंद्र और राज्य सरकार, बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने अब तक स्थिति साफ नहीं की है। ऐसे में 30 साल से ज्यादा उम्र वाले विद्यार्थियों को प्रवेश से वंचित रहना पड़ सकता है।
नियमानुसार प्रथम वर्ष के लिए स्नातक उत्तीर्ण विद्यार्थी फार्म भर सकते हैं। करीब दो वर्ष पूर्व बार कौंसिल ऑफ इंडिया ने सभी विधि पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 30 साल आयु तय कर दी। देशभर में इसका जबरदस्त विरोध हुआ। इसके खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर हुई। कोर्ट ने इसी साल 3 मार्च 2017 को उम्र सीमा पर रोक लगा दी। तबसे असमंजस की स्थिति बनी हुई है। मालूम हो कि अजमेर के लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष की 240 सीट पर प्रवेश होते हैं।
नहीं करते फार्म जमा
कॉलेज की मानें तो बीसीआई की लीगल एज्यूकेशन कमेटी ने 30 साल की आयु सीमा तय की है। मानव संसाधन विकास मंत्रालय, सुप्रीम कोर्ट और बीसीआई ने आयु सीमा को लेकर कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। कॉलेज शिक्षा निदेशालय ने ने पुराने नियम में संशोधन नहीं किया। ऐसे में उम्रदराज विद्यार्थियों के फार्म जमा नहीं हो सकते हैं। बीते-दो दिन वर्ष की तरह इस बार भी परेशानी बरकरार रहेगी।
फिर इनमें क्यों लेते आवेदन
आईएएस, आरएएस, नेट, जेईई मेन्स, जेईई एडवांस, गेट और अन्य राष्ट्रीय-राज्य स्तरीय प्रतियोगी परीक्षाओं में लाखों विद्यार्थी फार्म भरते हैं। यही प्रक्रिया सरकार की जनकल्याण और अन्य योजनाओं में होती है। उम्र सीमा, वांछित दस्तावेजों- डिग्री अथवा अन्य खामियों पर भी संबंधित भर्ती/परीक्षा एजेंसी आवेदन स्वीकार करती हैं। बाद में नियमानुसार कमियों-त्रुटिपूर्ण फार्म को निरस्त किया जाता है।
हम कॉलेज शिक्षा निदेशालय के निर्देशों की पालना करते हैं। अधिकतम आयु सीमा पर फिलहाल कोई निर्देश नहीं मिले हैं। नियमों में संशोधनसे जुड़े कोई आदेश मिलने पर उसकी अनुपालना होगी।
डॉ. डी. के. सिंह कार्यवाहक प्राचार्य लॉ कॉलेज