
ब्यावर. शहर सहित आस-पास के क्षेत्र में गुरुवार शाम को रिमझिम बरसात हुई। शहर में सिंचाई विभाग के कार्यालय में 56 एमएम जबकि तहसील कार्यालय में 78 एमएम बरसात दर्ज की गई। एक ही शहर में 22 एमएम बरसात का अंतर सामने आना गले नहीं उतर रहा है, जबकि पिछले 24 घंटे में जवाजा में 25 एमएम एवं टॉडगढ़ में 24 एमएम बरसात दर्ज की गई है। इस बरसात से किसी भी तालाब में पानी की आवक नहीं हुई है, जबकि बरसात के बाद शहर में दल-दल हो गया। इससे लोगों को खासी परेशानी हुई। बरसात के बाद शुक्रवार को शहर के अलग-अलग स्थानों पर पानी भरने की समस्या सामने आने लगी।
इसके बाद नगर परिषद ने अमरी का बाडिया, जमालपुरा सहित अन्य स्थानों पर टीमें भेजकर व्यवस्था को दुरुस्त कराया। इसके अलावा सीवरेज लाइन डालने के बाद सड़कों की मरम्मत नहीं होने से हुए कीचड़ की समस्या से क्षेत्रवासियों को निजात दिलाने के लिए नगर परिषद प्रशासन ने 24 घंटे में व्यवस्था को दुरुस्त करने के निर्देश दिए है। जहां पर अधिक कीचड़ हो रखा है, वहां पर बरड़ा डालने का काम शुरू किया गया। सभापति बबीता चौहान ने बताया कि जहां पर कीचड़ की समस्या आ रही थी, वहां सीवरेज का काम करने वाली एजेंसी को तत्काल व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए है।
अंडरब्रिज में भरा पानी
छावनी स्थित रेलवे अंडरब्रिज में पहली बरसात के बाद पानी भर गया। इससे लोगों को निकलने में परेशानी हुई। बाद में मोटर लगाकर पानी तोड़ा गया। इसके बाद ही लोगों को सहूलियत मिल सकी। इसी प्रकार रतनपुरा सरदारा के पास स्थित अंडर ब्रिज में भी पानी भर गया। इससे लोगों को आवाजाही में परेशानी आ रही है। ऐसे में लोगों को वैकल्पिक मार्ग से निकलना पड़ रहा है। यहां पर अंडरब्रिज का एक कोना भी क्षतिग्रस्त हो रखा है। जिसे दुरुस्त नहीं कराया गया है।
सब्जी खरीदने के लिए खड़ा रहना ही दुश्वार
चमन चौराहा मार्ग पर सब्जी मंडी लगती है। शाम के समय यहां पर सब्जी खरीदने वालों की खासी भीड़ रहती है। पहली बरसात के बाद यहां पर खासा कीचड़ जमा हो गया। ऐसे में सब्जी विक्रेताओं के अलावा खरीदारों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ा।
शुरुआत में ही संकट
शहर में सीवरेज लाइन डालने के बाद वापस सड़कों का निर्माण नहीं होने से गलियों में कीचड़ हो रखा है। इसके अलावा जगह-जगह गड्ढे हो गए है। यहीं स्थिति रही तो आने वाले समय में दुपहिया वाहन चालक गिरकर चोटिल होंगे। ऐसी ही स्थिति अन्य स्थानों की भी रही, जबकि अजमेर रोड पर अधूरी पड़ी सड़क पर खासा पानी एकत्र हो रखा है। सड़क के पास ही गड्ढे होने से हादसे की आशंका बनी है।
कंट्रोल रुम में फोन ही नहीं हो रहा रिसीव
बरसात के दौरान बाढ़ व आपदा को लेकर तहसील में कंट्रोल रुम बनाया गया है। इस कंट्रोल रुम पर यूं तो 24 घंटे कर्मचारियों की अलग-अलग ड्यूटी लगाई गई है। गुरुवार शाम को कई बार प्रयास करने के बावजूद फोन नो-रिप्लाई रहा। इस संबंध में तहसीलदार से बात की तो उन्होंने कंट्रोल रुम में जाकर व्यवस्थाओं को देखा। उस दौरान पता चला कि कंट्रोल रुम का फोन ही नहीं बज रहा है।
नहीं हो सकी नालों की सफाई
नगरपरिषद की ओर से अलग नाला गैंग होने के बावजूद कई नाले अब भी कचरे से अटे पड़े हैं, जबकि बंद नालों की सफाई करना तो आसान ही नहीं है। नाला गैंग का अंदर जाना भी खतरे से खाली नहीं है। ऐसे में इन नालों को छोड़ दिया जाए तो खुले नालों की भी पूरी तरह सफाई नहीं हो सकी है।
बाढ़ बचाव व राहत के लिए कंट्रोल रुम शुरू कर दिया गया है। यहां पर 24 घंटे कर्मचारी की ड्यूटी लगा रखी है। फोन लाइन में कोई परेशानी हो सकती है। इसकी जांच करवाई जाएगी।
मूलचन्द मीणा, तहसीलदार,