अजमेर

Big Issue: कोरोना ने बढ़ाया परीक्षाओं का खर्च, होंगी ये परेशानियां

जुटाना पड़ेगा अतिरिक्त फर्नीचर और अन्य सुविधाएं
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May 18, 2020
exam expenditure increase
exam expenditure increase

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड, इंजीनियरिंग-मेडिकल कॉलेज और विश्वविद्यालय सहित अन्य संस्थानों का परीक्षा खर्च बढ़ेगा। फर्नीचर, थर्मल स्कैन, सेनेटाइजर सहित अतिरिक्त स्टाफ के लिए जेब ज्यादा ढीली करनी पड़ेगी।

सीबीएसई, राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने दसवीं-बारहवीं और विश्वविद्यालयकी सैद्धांतिक और प्रायोगिक परीक्षाएं होनी हैं। इसी तरह राजस्थान लोक सेवा आयोग ने पशु चिकित्सा अधिकारी, पुस्तकालयाध्यक्ष परीक्षा, प्राध्यापक भर्ती परीक्षा स्थगित की है। इन संस्थानों को यह परीक्षाएं जून-जुलाई और इसके बाद करानी हैं।

करनी पड़ेंगी ये व्यवस्थाएं
-सोशल डिस्टेंसिंग के लिए परीक्षा केंद्रों में ज्यादा स्थान
-विद्यार्थियों के लिए अतिरिक्त फर्नीचर
-गर्मी में जरूरत पडऩे पर टैंट, पंखे और कूलर
-अतिरिक्त पर्यवेक्षक, वीक्षक और स्टाफ

परीक्षाओं से आय-व्यय (अनुमानित)
मदस विश्वविद्यालय: आय-12 करोड़, व्यय-10 करोड़
-राजस्थान लोक सेवा आयोग: भर्ती आवेदनों पर निर्भर
-सीबीएसई: आय: 75 से 90 करोड़, व्यय-65 से 70 करोड
-राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-आय: 50 से 50 करोड़, व्यय-45 से 50 करोड़
-तकनीकी विश्वविद्यालय: आय-8 से 10 करोड़, व्यय-5 से 7 करोड
-मेडिकल विश्वविद्यालय-आय: 5 से 7 करोड़, व्यय-4 से 6 करोड़

बढ़ जाएगा परीक्षाओं का खर्चा
कोरोना संक्रमण के चलते स्कूल, कॉलेज, यूनिवर्सिटी की बकाया और आरपीएससी का परीक्षा खर्च बढ़ जाएगा। संस्थानों को अतिरिक्त परीक्षा केंद्र बनाने, सेनेटाइजर की व्यवस्था, जरूरत पडऩे पर थर्मल स्कैनर, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की टीम, पुलिसकर्मियों की तैनाती, सीसीटीवी कैमरे, वीडियोग्राफी जैसे खर्च करने पड़ेंगे। इनके लिए अतिरिक्त राशि देनी पड़ेगी। मार्च-अप्रेल तक जो परीक्षाएं 40 से 50 प्रतिशत खर्चे में होनी थी। उन्हीं परीक्षाओं पर अब 75 से 80 प्रतिशत तक राशि खर्च करनी पड़ेगी।

कहां कितने परीक्षार्थी पंजीकृत
सीबीएसई-32 लाख (देश में)
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड-20 लाख
महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय-3.5 लाख
तकनीकी-मेडिकल संस्थान-50 हजार
आरपीएससी की विभिन्न परीक्षाओं में-1 लाख

कॉलेज में बनाए गए परीक्षा केंद्रों में व्यवस्थाएं करनी पड़ेंगी। कुछ खर्च बढ़ सकता है।
प्रो. आर. पी. सिंह, कुलपति मदस विश्वविद्यालय
तकनीकी यूनिवर्सिटी की बकाया सेमेस्टर परीक्षाएं होनी हैं। अतिरिक्त व्यवस्थाएं करनी पड़ सकती हैं।
डॉ. यू.एस. मोदानी, प्राचार्य इंजीनियरिंग कॉलेज

Published on:
18 May 2020 09:20 am