
out side person quarantine
अजमेर.
बाहर से आने वाला प्रत्येक व्यक्ति प्रशासन की निगरानी में रहेगा। उसे अनिवार्य रूप से घर या शेल्टर होम में क्वॉरंटीन रहना पड़ेगा। यहां व्यवस्थाएं चाकचौबंद रखी जाएंगी। यह बात जिला कलक्टर विश्व मोहन शर्मा ने जिला स्तरीय क्वॉरंटीन समिति की बैठक में कही। उन्होंनेजिले में पेयजल व्यवस्था को सुचारू रखने के लिए जलदाय विभाग के अधिकारियों को फील्ड में तैनात रहने के निर्देश भी दिए।
शर्मा ने कहा कि जिले में क्वॉरंटीन को लेकर सभी तैयारियां पूर्ण हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में प्रत्येक ग्राम पंचायत, राजस्व गांव एवं उपखण्ड स्तर पर तथा शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर तक समितियों का गठन किया गया है। इनमें 4 हजार लोगों को सर्तकता दलों में शामिल किया गया है। जिले की 275 ग्राम पंचायतों में 954 गांवों तक प्रशासन एवं जन प्रतिनिधियों का नेटवर्क प्रवासियों पर नजर रखेगा। उन्हें घर पर या संस्थागत क्वॉरंटीन कर तमाम व्यवस्थाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
शहरी इलाकों में भी यह इंतजाम रहेंगे। प्रशासन एवं चिकित्सा विभाग जिले में आने वाले प्रत्येक व्यक्ति की स्क्रीनिंग करेगा। एसिम्पटोमेटिक मिलने पर संबंधित व्यक्ति को 14 दिन तक घर अथवा संस्थागत क्वॉरंटीन किया जाएगा। स्क्रीनिंग में थर्मल गन और प्लस ऑक्सोमीटर का उपयोग, घर पर नोटिस चस्पा होगा। सांसद भागीरथ चौधरी, मसूदा विधायक राकेश पारीक, किशनगढ विधायक सुरेश टांक, अजमेर उत्तर विधायक वासुदेव देवनानी, अजमेर दक्षिण विधायक अनिता भदेल, पुष्कर विधायक सुरेश रावत एवं नसीराबाद विधायक रामस्वरूप लांबा मौजूद रहे।
पेयजल व्यवस्था रहे दुरुस्त
सांसद और विधायक के सुझाव पर जिला कलक्टर ने जलदाय विभाग को शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था सुचारू रखने, शह और गांव के लिए पर्याप्त पानी मुहैया कराने के निर्देश दिए। सांसद एवं विधायकों की अनुशंसा के कामकाज और हैडपम्प और ट्यूबवैल की मरम्मत शुरू करने को कहा। बैठक में सांसद और विधायकों ने क्वॉरंटीन सेन्टर और जलदाय से संबंधित काम काज के प्रस्ताव एवं सुझाव दिए।
Published on:
17 May 2020 09:13 am
