अजमेर

Big Issue: क्या युवा दूर हो रहे हैं छात्र राजनीति से..

अधिकतर संस्थाओं में छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं ने बागियों-निर्दलीयों को अंदरूनी समर्थन दिया है।

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Aug 28, 2019
student union poll ajmer

अजमेर. छात्रसंघ चुनाव (students election 2019) में कई संस्थानों में कम मतदान (low vote caste) हुआ है। उधर कई जगह बागियों और निर्दलीयों (independent candidate) ने भी दम ठोका। इसको लेकर प्रत्याशियों, छात्र संगठनों सहित कांग्रेस (congress) और भाजपा (bjp) नेताओं में गहमा-गहमी बढ़ गई है।

अधिकांश कॉलेज और यूनिवर्सिटी में एनएएसयू्आई (nsui)और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (abvp) और निर्दलीय प्रत्याशियों के कड़ी टक्कर है। सर्वाधिक 8 हजार वाले जीसीए (gca) में 5 हजार 277 विद्यार्थियों ने वोट नहीं डाले। इसी राजकीय कन्या महाविद्यालय (ggca)में 3091 में से 2214 छात्राएं मतदान से दूर रही। दयानंद कॉलेज में 461, एमडीएस यूनिवर्सिटी (mdsu) में 263 विद्यार्थियों ने मतदान नहीं किया। पिछले साल भी संस्थाओं में मतदान कम रहा था।

नींद उड़ी नेताओं की
सर्वाधिक विद्यार्थियों वाले एसपीसी-जीसीए, राजकीय कन्या महाविद्यालय, दयानंद कॉलेज में कम मतदान से छात्रनेताओं (students leader) की नींद उड़ गई। मदस विश्वविद्यालय सहित जिले के (ajmer district) सभी कॉलेज में एनएसयूआई (nsui) -अभाविप (abvp) में कड़ी टक्कर है। कहीं-कहीं निर्दलीय प्रत्याशी से भी करीबी मुकाबला है। अधिकतर संस्थाओं में छात्र संगठनों के कई कार्यकर्ताओं ने बागियों-निर्दलीयों को अंदरूनी समर्थन दिया है।

करनी पड़ेगी ज्यादा मेहनत

प्रदेश में इस साल कई नगर निगम (nagar nigam), नगर परिषद (municiplity) के होने हैं। छात्रसंघ चुनाव (chatr sangh chunav) में कम मतदान (low vote) युवाओं (youth)की चुनावों में अरुचि का संकेत है। इसको देखते हुए कांग्रेस और भाजपा को निकाय चुनाव (local bodies election) में ज्यादा मेहनत करनी पड़ सकती है। इसके अलावा अगले साल पंचायत चुनाव (panchayat) होने हैं। मालूम हो कि लोकसभा (lok sabha election), विधानसभा (assembly eelction), नगर निकाय, पंचायत और अन्य चुनाव में युवा मतदाताओं (youth voters)की तादाद ज्यादा रहती है।

Published on:
28 Aug 2019 08:06 am
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