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अजमेर.
विदेशी नागरिकों को इनकम टैक्स ऑफिसर बनकर बतौर पैनेल्टी ठगी ऑन लाइन ठगी का शिकार बनाने वाले ठग गिरोह ठगी के लिए किए जाने वाले मैसेज, कॉल में वर्चुअल नम्बर का इस्तेमाल करते थे। जो पुलिस की साइबर सेल के लिए ट्रेस करना मुश्किल है। गिरोह के पांच गुर्गो समेत पंजाब, मुम्बई व गुजरात से पकड़े गए तीन युवक से क्रिश्चियन गंज थाना पुलिस पड़ताल में जुटी है।
पुलिस की गिरफ्त में आए अवैध अन्तरराष्ट्रीय कॉल सेन्टर के संचालक बिहार समस्तीपुर निवासी राहुलराज वर्मा, गुजरात अहमदाबाद निवासी नईमुदीन कुरैशी, अजमेर जवाहरनगर निवासी तेजदीप सिंह, धोलाभाटा निवासी केतनकुमार, खारीकुई दयानन्द मोहल्ला निवासी रोहित कुमार को अदालत में पेशकर तीन दिन के रिमांड पर लिया।
पुलिस आरोपितों को अदालत में पेश कर चुकी है। वहीं पंजाब, महाराष्ट्र और गुजरात से पकड़े गए तीन युवकों को पुलिस हिरासत में लेकर पूछताछ में जुटी है। पुलिस गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों, बैंक खातों व विदेशी तार को टटोलने में जुटी हुई है।
डेटा चोरी व खातों के राजदार
पुलिस की गिरफ्त में पंजाब, गुजरात और महाराष्ट्र से गिरफ्त में आए तीन युवक गिरोह के लिए डेटा चोरी करने का काम करते हैं। जिसके लिए उन्हें गिरोह अच्छा खासा भुगतान करता है। विभिन्न बेबसाइट पर रोजाना लाखों लोगों के लॉग इन (प्रवेश करना) होने पर गिरोह के सदस्य उनका नाम और नम्बर का डेटा चोरी कर राहुल राज और उसके गिरोह को मुहैया करवाते थे।
उपलब्ध डेटा से राहुल राज विदेशी नागरिक को कॉल कर इनकम टैक्स वसूली में पैनल्टी व कानूनी कार्रवाई का डर दिखाकर खातों में ऑन लाइन बैंकिंग, हवाला और बिटकॉइन की खरीद करवाकर रकम ट्रांसफर करवाने का काम करते थे।
सोच समझकर करे लॉग इन
आईजी बीजू जॉर्ज जोसफ ने बताया कि इंटरनेट पर ऐसी सैकड़ों कमर्शियल वेबसाइट हैं जहां अच्छी सर्विस के लिए लॉग इन करना अनिवार्य होता है लेकिन वेबसाइट पर लॉग इन होने के साथ ही ग्राहक की तमाम डेटा व जानकारियां कॉपी हो जाता है। इसका इस्तेमाल गिरोह ठगी की वारदात अंजाम देने में करता था।