अजमेर

Birds Census: देशी-विदेशी मेहमानों पर नजरें, यूं होगी इनकी गिनती

वन विभाग प्रतिवर्ष पक्षियों की गणना करता है। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।

2 min read
Jan 21, 2020
birds census

रक्तिम तिवारी/अजमेर.

वन विभाग (forest dept) देशी और प्रवासी पक्षियों की गणना की तैयारियों में जुट गया है। विभिन्न जलाशयों पर विभाग के कर्मचारी पक्षियों की गणना (census) करेंगे। इसकी रिपोर्ट बनाकर मुख्यालय भेजी जाएगी।

वन विभाग प्रतिवर्ष पक्षियों की गणना करता है। इनमें देशी (local) और प्रवासी (migratory) पक्षी शामिल होते हैं। जिले में आनासागर, फायसागर, किशनगढ में गूंदोलाव झील, ब्यावर में सेलीबेरी, माना घाटी, पुष्कर में गौमुख पहाड़, अरनिया-जालिया के बीच, नारायणसिंह का कुआं, सावर-कोटा मार्ग और अन्य स्थान पर गणना की जानी है।

आनासागर में सर्वाधिक परीक्षा
देशी-विदेशी प्रवासी पक्षियों को आनासागर और इसके आसपास का क्षेत्र (area) पसंद है। यहां सागर विहार कॉलोनी के निकट छोटे से हिस्से में पक्षियों (birds variety) की बहुत तादाद रहती है। पक्षियों को प्राकृतिक वातावरण, भोजन सहजता से उपलब्ध रहता है। इसके अलावा फायसागर झील में भी पक्षियों की आवक होती है।

ये आते हैं प्रवासी पक्षी

कॉमन टील, रफ, लिटिल स्टैंट, लिटिल ग्रीन हैरोन, व्हाइट थ्रोटेड किंगफिशर, पाइड एवोकेट, ब्लैक विंग्ड स्टिल्ट, ग्रेड व्हाइट पेलिकन, लार्ज कैरोमेन्ट, स्मॉल केरोमेन्ट, इंडियन केरोमेन्ट, लौंग टेल्ड श्राइक, लार्ज ईग्रेट, इन्टर मिडिएट इग्रेट, लिटिल ईग्रेट, कॉमन सैंडपाइपर, पौंड हेरोन, येलो वैगटेल, ग्रे वैगटेल, सिटनिर वैगटेल, पाइड वैगटेल लिटिल ग्रेब और अन्य

पत्रिका ने कराया बर्ड फेयर
राजस्थान पत्रिका के प्रयासों से शहर में लगातार चौथे बर्ड फेयर का आयोजन किया गया। इसमें स्कूल, कॉलेज के विद्यार्थियों (students), जनप्रतिनिधियों (politicians), प्रशासनिक अधिकारियों (officers) और आमजन की भागीदारी रही। लोगों ने प्रवासी और देशी पक्षियों की प्रजातियों के बारे में जानकारी प्राप्त करने के अलावा उनके फोटो मोबाइल (mobile) और कैमरे (camera) में कैद किए। पत्रिका के प्रयासों से ही सागर विहार कॉलोनी में बर्ड पार्क का निर्माण हो रहा है।

Published on:
21 Jan 2020 09:12 am
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