Ajmer Dargah News : ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह स्थित शाहजहानी मस्जिद में होने वाली जुमे की नमाज के समय में परिवर्तन का विरोध शुरू हो गया है। दरगाह के कुछ खादिमों ने इस पर सवाल उठाए हैं। हालांकि खादिमों की संस्था अंजुमन समय परिवर्तन के पक्ष में हैं।
अजमेर. ख्वाजा गरीब नवाज की दरगाह (ajmer dargah) स्थित शाहजहानी मस्जिद में होने वाली जुमे की नमाज (namaz) के समय में परिवर्तन का विरोध शुरू हो गया है। दरगाह के कुछ खादिमों (khadim) ने इस पर सवाल उठाए हैं। हालांकि खादिमों की संस्था अंजुमन समय परिवर्तन के पक्ष में हैं।
वहीं अंजुमन के सदस्य सैयद मुनव्वर चिश्ती का कहना है कि जुमे की नमाज में मामूली परिवर्तन करने से कोई असर नहीं पड़ेगा। जुमे की नमाज के लिए जो लोग 12 बजे बैठने लग जाते थे, वे अब 11 बजे से बैठने लग जाएंगे, एेसे में बात वही की वही रहेगी। साथ ही जुमे की नमाज का समय परिवर्तन होने से दरगाह में विभिन्न मौकों पर होने वाली रस्मों पर भी असर पड़ेगा। मुनव्वर का कहना है कि इससे अच्छा तो दरगाह कमेटी शौचालय की कमी के कारण जायरीन को होने वाली परेशानी की तरफ ध्यान दें। शौचालयों का निर्माण होने से जायरीन को रोजाना सामने आने वाली समस्या से छुकटारा मिलेगा। गौरतलब है कि खादिम सैयद अब्दुल मुकद्दिम मदनी ने भी अंजुमन सचिव को लिखे पत्र में जुमे की नमाज का समय नहीं बदलने की मांग रखी थीं। उनका कहना है कि जायरीन को जुमे की नमाज के वक्त आवाजाही में जो परेशानी हो रही है वह बदइंतजामियों के कारण है। दरगाह कमेटी की ओर से दरवाजों पर इंतजामात सही कर दिए जाएं तो किसी तरह की कोई परेशानी ही नहीं होगी।
दरगाह में यह रहेगा अब जुमे की नमाज का समय
विश्व प्रसिद्ध सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह में प्रत्येक शुक्रवार को होने वाली जुमे की नमाज अब पूर्व निर्धारित समय से 30 मिनट पहले दोपहर 1 बजकर 10 मिनट पर खुतबे के साथ प्रारम्भ होगी। यह व्यवस्था 1 नवम्बर को आने वाले शुक्रवार से लागू होगी। नमाज के दौरान दरगाह में जायरीन को होने वाली परेशानियों को देखते हुए दरगाह कमेटी ने यह निर्णय किया है।