Ajmer Dargah News : सूफी संत ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती की दरगाह सुरक्षा केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआईएसएफ) या केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ ) के हवाले किए जाने की मांग एक बार फिर उठी है। इस बार दरगाह कमेटी अध्यक्ष अमीन पठान ने यह मांग उठाई है। उन्होंने इस संबंध में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी को पत्र सौंपा है। नकवी ने गृहमंत्रालय को यह सिफारिश भेज दी है।
अजमेर. दरगाह कमेटी (dargah committee) अध्यक्ष अमीन पठान ने केंद्र सरकार से ख्वाजा साहब (khwaza sahab) की दरगाह में केन्द्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) या केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF ) तैनात किए जाने की मांग की है।
इस संबंध में उन्होंने शनिवार को नई दिल्ली में केंद्रीय अल्पसंख्यक मामलात मंत्री मुख्तार अब्बास नक़वी से मुलाकात की। पठान ने नकवी से कहा कि वर्तमान में देश में मिल रही धमकियों और दरगाह शरीफ में बढ़ रहे अतिक्रमण के मद्देनजऱ दरगाह की सुरक्षा को चाक-चौबंद करना जरूरी है। ऐसे में दरगाह शरीफ की सुरक्षा व निगरानी व्यवस्था सीआईएसएफ या सीआरपीएफ को दी जाए। नकवी ने पठान की ओर से सौंपे गए पत्र को प्रधानमंत्री कार्यालय एवं गृह मंत्रालय को भेजा है।
इसलिए बताया जरूरी
पठान के अनुसार दरगाह में रोजाना 20 से 25 हजार, गुरुवार, शुक्रवार और रविवार को 50 हजार, महाना छठी पर करीब एक लाख और उर्स के दौरान करीब 10 लाख जायरीन आते हैं। दरगाह में प्रवेश के 10 दरवाजे हैं, जिसमें से 6 दरवाजे खुले हुए हैं जहां जिला पुलिस के जवान तैनात रहते हैं। सुरक्षा कि दृष्टि से 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरे भी लगे हैं। दो एक्स-रे बैगेज मशीन बंद पड़ी हैं। दरवाजों पर लगे डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर बंद पड़े हैं। ऐसे में आवश्यक है कि दरगाह सुरक्षा सीआरपीएफ या सीआईएसएफ को सौंपी जाए।
अतिक्रमण पर भी रहेगी नजर
पठान का मानना है कि सीआईएसएफ की तैनाती से दरगाह में अतिक्रमण होने से रूक सकेगा। उन्होंने कहा कि जो अतिक्रमण पहले से उन्हें हटाया जाना चाहिए। नया अतिक्रमण नहीं हो, इसका विशेष ध्यान रखा जाना चाहिए।