जिस तरह वे जिलेवार दौरे कर रही हैं, उसको देखते हुए भाजपा पदाधिकारियों की धड़कनें बढ़ी हुई है।
अजमेर
मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे 12 मई को अजमेर आएंगी। वे श्री राजपुरोहित छात्रावास के लोकार्पण समारोह के बाद दोपहर में भागचंद जी की कोठी (होटल मेरवाड़ा एस्टेट) में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक भी लेंगी।
मुख्यमंत्री राजे शनिवार को पुष्कर रोड गणपति नगर स्थित श्री राजपुरोहित छात्रावास के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण करेंगी। इसके बाद दोपहर 12 बजे भागचंद जी की कोठी में भाजपा पदाधिकारियों की बैठक का आयोजन किया जाएगा। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष अरविन्द यादव एवं देहात जिलाध्यक्ष प्रो. बी.पी. सारस्वत के अनुसार बताया कि महत्वपूर्ण बैठक में जिलाध्यक्ष, जिला पदाधिकारी, विधायक, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, प्रदेश पदाधिकारी, मोर्चों के जिलाध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, जिला प्रमुख, उप प्रमुख, प्रधान, नगर निकायों के अध्यक्ष, पूर्व जिलाध्यक्ष, पूर्व विधायक, पूर्व जिला प्रमुख उपस्थित रहेंगी।
अचानक हुई बैठक की व्यवस्था
पूर्व में सीएम का केवल लोकार्पण समारोह का ही कार्यक्रम था। लेकिन उच्च स्तर पर तत्काल भाजपा पदाधिकारियों की बैठक की व्यवस्था की गई। संभवत: यह माना जा रहा है, कि विधानसभा चुनाव के कारण सीएम सक्रिय हो गई हैं। जिस तरह वे जिलेवार दौरे कर रही हैं, उसको देखते हुए भाजपा पदाधिकारियों की धड़कनें बढ़ी हुई है।
नवम्बर-दिसम्बर में चुनाव
राज्य में इस साल विधानसभा चुनाव होने हैं। संभवत: नवम्बर अंत अथवा दिसम्बर के शुरुआत में चुनाव होंगे। इस लिहाज से सरकार के कामकाज के महज सात महीने बचे हैं। अक्टूबर अंत या नवम्बर में चुनाव आचार संहिता लग जाएगी। इसके बाद मुख्यमंत्री, मंत्री और विधायकों को क्षेत्रवार दौरे करने पड़ेंगे।
उप चुनाव में हुई है किरकिरी
हाल में जनवरी में राज्य में अलवर, अजमेर के लोकसभा और मांडलगढ़ में विधानसभा उपचुनाव हुए हैं। इनमें भाजपा को करारी हार का सामना करना पड़ा है। जबकि कांग्रेस ने तीनों सीट जीती हैं। कुल मिलाकर भाजपा को 17 विधानसभा क्षेत्रों में हार का सामना करना पड़ा है। ऐसा तब हुआ जबकि तीनों क्षेत्र के चुनाव में खुद सीएम और पूरी सरकार सक्रिय रही।
भाजपा विकास के दावे के बूते मतदाताओं के बीच गई। इसके बावजूद जीत हासिल नहीं हो पाई। हार को लेकर भाजपा के आलाकमान स्तर तक काफी हलचल रही थी। पिछले महीने ही तत्कालीन भाजपा प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी को इस्तीफा भी देना पड़ा था।