
अजमेर. आखिरकार अपनी कार्यशैली को लेकर विवादों में चले अजमेर स्मार्ट सिटी के मुख्य अभियंता अनिल विजयवर्गीय को जिला कलक्टर एंव स्मार्ट सिटी के सीईओ प्रकाश रापुरोहित ने शनिवार को स्मार्ट सिटी से हटा दिया। उन्हें उनके मूल विभाग नगर निगम में भेजा गया है। वे स्मार्ट सिटी में प्रतिनियुक्ति पर थे। मुख्य अभियंता अनिल विजयवर्गीय को स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्टों की गुणवत्ता, घटिया निर्माण सामग्री के उपयोग तथा कामकाज की मोनीटरिंग में लापवाही बरत रहे थे। मुख्यालय से गायब रहने तथा बार-बार कोटा जाने पर भी जिला कलक्टर ने नाराजगी जताते हुए उन्हें जेएलएन अस्पताल व पटेल मैदान में चल रहे प्रोजेक्ट पर ही ड्यूटी देने के निर्देश दिए थे लेनिक उन्होनों निर्देशों की पालना नहीं की। इसके बाद कलक्टर ने नोटिस भी जारी किया था।
भारी पड़ रहा है अभियंताओं व ठेकेदारों का गठजोड़
स्मार्ट सिटी में अभियंता व ठेकेदारो का गठजोड़ चल रहा है,कर्ताधर्ता इंजीनियर पीडब्ल्यूडी के हैं। जिनका खुद का पद स्वीकृत नहीं है वे नियम विरुद्ध वेतन भत्ते उठा रहे हैं। अतिरिक्त मुख्य अभियंता अविनाश शर्मा के नाम पर अभी भी प्रशासनिक अधिकारियों ने चुप्पी साधी हुई है। 17 अधूरे प्रोजेक्ट अजमेर विकास प्राधिकरण को दिए जाने के मामले में भी शर्मा चर्चा में रहे थे जिसमें अब अपनी जिम्मेदारी से पल्ला झाडऩे के लिए विभिन्न विभागों को पत्र लिखे जा रहे हैं। जबकि कार्य की डीपीआर बनते समय और कार्यादेश देने से पूर्व सभी साइटें क्लियर होनी चाहिए लेकिन नियम कायदे ताक पर रख कार्य करवाया जा रहा था।