
अजमेर। राजस्थान के अजमेर शहर में पुराने और री-फर्बिश्ड मोबाइल को ब्रांडेड कम्पनी का नया फोन बताकर बाजार में खपाने का मामला सामने आया है । कम्पनी के प्रतिनिधियों की शिकायत पर कोतवाली और क्लॉक टावर थाना पुलिस ने दो अलग - अलग स्थानों पर दबिश देकर बड़ी मात्रा में ब्रांडेड कम्पनी के नाम वाली किट, स्टीकर, चार्जर केबल व अडप्टर बरामद किए । आरोप है कि पुराने मोबाइल की बैटरी, स्पीकर, माइक, बाहरी बॉडी व स्क्रीन बदलकर उन्हें फर्जी पैकिंग में नया बताकर बेचा जा रहा था । दोनों मामलों में पुलिस ने कॉपीराइट एक्ट में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है ।
कोतवाली थानाप्रभारी रामेश्वरी देवी के नेतृत्व में शहर के पर स्थिति जयपुर रोड सुन्दर विलास मेहरा बिल्डिंग में भरत नामक युवक की कथित फर्जी एजेंसी पर दबिश दी गई ।
कम्पनी प्रतिनिधियों की मौजूदगी में की गई कार्रवाई में बड़ी संख्या में री - फर्बिश्ड मोबाइल, नए फोन की तरह की नकली पैकिंग के लिए रखे किट और स्टीकर के अलावा चार्जर केबल व अडप्टर बरामद किए ।
दिल्ली से आए कम्पनी प्रतिनिधि मोहम्मद अराफात, स्थानीय प्रतिनिधि पवन पारसर और पुलिस टीम की मौजूदगी में करीब चार घंटे तक कार्रवाई चली । देर रात तक पुलिस जब्त सामान की गिनती और दस्तावेजी कार्रवाई में जुटी रही ।
दूसरी कार्रवाई अजमेर शहर के क्लॉक टावर थानाप्रभारी भीखाराम काला के नेतृत्व में पड़ाव स्थित अग्रवाल धर्मशाला में की । पुलिस पहुंची तो दुकान पर ताला लगा था । पुलिस के काफी प्रयास के बाद बाबू देर शाम लौटा और ताला खोलने पर सर्च ऑपरेशन किया ।
तलाशी में यहां भी ब्रांडेड कम्पनी के नाम वाले बड़ी संख्या में किट, स्टीकर, चार्जर केबल व अडप्टर मिले । कम्पनी प्रतिनिधि वकील निश्चय जैन की रिपोर्ट पर संचालक बाबू के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट में प्रकरण दर्ज किया ।
पुलिस जब्त सामग्री की गिनती, उसके स्रोत व दोनों स्थानों से जुड़े मोबाइल बिक्री नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है । जांच में यह सामने आएगा कि कथित तौर पर तैयार किए मोबाइल कितने ग्राहकों तक पहुंच भी चुके हैं ? इनके पीछे कोई बड़ा सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है ?