अजमेर

बोले डीन…बिगड़ रही व्यवस्थाएं, लगाएं विश्वविद्यालय में कुलपति

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Aug 08, 2018
vice chancellor in mdsu

अजमेर

कुलपति पद रिक्त होने का महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय पर असर दिखने लगा है। कई वित्तीय एवं तकनीकी मामले अटक गए हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के चार संकाय के डीन ने कुलाधिपति को पत्र भेजा है। उन्होंने विश्वविद्यालय में कामकाज प्रभावित होने का हवाला देकर तत्काल कुलपति नियुक्ति का आग्रह किया है।

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बीती 21 जुलाई को प्रो. विजय श्रीमाली के देहान्त के बाद से विश्वविद्यालय में कुलपति पद रिक्त है। सत्रह दिन से महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति नहीं हो पाई है। इससे कामकाज पर प्रभाव पडऩा शुरू हो गया है। विश्वविद्यालय के सामाजिक विज्ञान, प्रबंध अध्ययन, कॉमर्स और विज्ञान संकाय के डीन ने कुलाधिपति एवं राज्यपाल कल्याण सिंह को पत्र भेजा है।

कुलपति नहीं होने से अटके यह मामले...
-राष्ट्रीय उच्चत शिक्षा अभियान के तहत 3 करोड़ रुपए का निस्तारण

-कुलपति के अभाव में अटकी शोध विद्यार्थियों की राष्ट्रीय छात्रवृत्ति

-चयन समितियों के अभाव में शोध परियोजनाएं और शोध कार्य अटके

-अटकी कर्मचारियों की वार्षिक वेतन वृद्धियां

-छात्रसंघ चुनाव में चुनाव अधिकारी की नियुक्ति

-विश्वविद्याल का वार्षिक खेल कलैंडर

-सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सेवानिवृत्त का लाभ

-मिशन अन्तयोदय के तहत नहीं हो पा रहा गांव का चयन

-दीक्षान्त समारोह, भर्तियां और अन्य कार्य जो कुलपति के स्तर पर होने हैं

यह है नियुक्ति की व्यवस्था

पूर्व में कुलपति पद रिक्त होते ही संभागीय आयुक्त या किसी सीनियर प्रोफेसर (शिक्षाविद् ) को कार्यवाहक कुलपति बनाया जाता था। साल 2016 में कुछ कुलपतियों ने इस परम्परा को गलत बताते हुए बदलाव की बात कही। इसको लेकर विधानसभा में एक्ट पारित हुआ। अब किसी विश्वविद्यालय में स्थाई कुलपति पद रिक्त होने पर सरकार की सलाह पर राज्यपाल किसी दूसरे विश्वविद्यालय के कुलपति को कार्यभार सौंपने के आदेश जारी करते हैं।

आखिर क्यों हो रही देरी!
वर्ष 2017 में प्रो. कैलाश सोडाणी का 18 जुलाई को कार्यकाल खत्म होने पर बीकानेर के महाराजा गंगासिंह विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. भगीरथ सिंह को जिम्मेदारी सौंपी गई। लेकिन इस बार राजभवन और सरकार ने कोई आदेश जारी नहीं किए हैं। हाल में राजस्थान विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. के. कोठारी का नाम सामने आया था, पर वे इनकार कर चुके हैं। कार्यवाहक कुलपति की नियुक्ति में देरी की 'असली Óवजह समझ नहीं आ रही है।

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Published on:
08 Aug 2018 06:33 am
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