सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज प्राचार्यों को बाध्य करने वाला आदेश दिखता है। राज्यपाल और मुख्यमंत्री को तत्काल भाटी को पद हटाना चाहिए।
अजमेर. ट्विटर (twitter) पर उच्च शिक्षा मंत्री भंवरसिंह भाटी (bhanwar sigh bhati) द्वारा एनएसयूआई (nsui) के पक्ष में मतदान की अपील पर विधायक वासुदेव देवनानी (vasudev devnani) ने कड़ी आपत्ति जताई है। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक मूल्यों (democratic values) और लिंगदोह सिफारिशों (lingdoh committee rules) का हनन बताते हुए तत्काल इस्तीफे (resignation) की मांग की है।
पत्रकारों से बातचीत में देवनानी ने कहा कि उच्च शिक्षा मंत्री (higher education minister) भंवरसिंह भाटी ने अपने ट्विटर एकाउंट (twitter account) से एनएसयूआई (nsui) के समर्थन में मतदान की अपील की है। यह सीधे तौर संवैधानिक शपथ (constituion), लोकतांत्रिक मूल्यों और लिंगदोह समिति की सिफारिशों की अवहेलना है। मंत्री भाटी (minsiter) का कृत्य गैर लोकतांत्रिक है। यह सीधे तौर पर कांग्रेस (congress) और उससे समर्थित छात्र संगठन (nsui) को लाभ पहुंचाने की श्रेणी में आता है। साथ ही सभी विश्वविद्यालयों और कॉलेज प्राचार्यों को बाध्य करने वाला आदेश दिखता है। राज्यपाल (governor of rajasthan) और मुख्यमंत्री (CM Ashok gehlot) को तत्काल भाटी को पद हटाना चाहिए।
चुनाव का कांग्रेसीकरण
उन्होंने कहा कि सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय (SPC-GCA) में एनएसयूआई के समर्थक (nsui supporters) खुलेआम घूम रहे हैं। एबीवीपी (abvp) सहित दूसरे छात्र संगठनों (students organization)और प्रत्याशियों (candidates) को प्रचार नहीं करने दिया जा रहा है। चुनाव (chatr sngh chunav) का पूरी तरह कांग्रेसीकरण करने का प्रयास किया जा रहा है। हम इस मामले में राज्यपाल से मुलाकात कर शांतिपूर्ण और पारदर्शी चुनाव कराने की मांग करेंगे।
राष्ट्रवाद से कांग्रेस को हार का डर
देवनानी ने कहा कि देशभर में राष्ट्रवाद (rasthravad) की लहर चल रही है। इसमें कांग्रेस (congress) को अपनी हार दिख रही है। ऐसे में कांग्रेस और एनएसयूआई को छात्रसंघ चुनाव में कामयाबी (succsess) मिलनी मुश्किल है। इसको देखते हुए मंत्री ने संवैधानिक दायरे से परे जाकर ट्विट किया है।