विश्व प्रसिद्ध पुष्कर में पहली बार 23 से 25 फरवरी 2026 तक नए मेला मैदान में बागेश्वर सरकार की भव्य हनुमंत कथा होने जा रही है। इस बीच दिव्य दरबार भी लगेगा। कथा में हजारों की संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है।
अजमेर। मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले में स्थित बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री रविवार दोपहर विशेष चार्टर विमान से किशनगढ़ एयरपोर्ट पहुंचे। उनका विमान करीब एक बजे रनवे पर उतरा। एयरपोर्ट पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्यमंत्री भागीरथ चौधरी और राजस्थान के जल संसाधन मंत्री सुरेश सिंह रावत ने पुष्पगुच्छ भेंट कर उनका स्वागत किया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और समर्थक भी मौजूद रहे।
एयरपोर्ट परिसर में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। पुलिस और प्रशासनिक अमला सुबह से ही तैनात रहा, क्योंकि उनके आगमन को लेकर समय में बार-बार बदलाव की सूचनाएं मिल रही थीं। कभी पूर्वाह्न 11:30 बजे, कभी दोपहर बाद 3 बजे और कभी शाम 5 बजे पहुंचने की चर्चा होती रही। अंततः दोपहर लगभग एक बजे उनके आगमन की पुष्टि हुई। थोड़ी देर रुकने के बाद वे कड़े सुरक्षा घेरे में सड़क मार्ग से तीर्थराज पुष्कर के लिए रवाना हो गए।
नए मेला मैदान में बागेश्वर धाम के उपासक धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की तीन दिवसीय हनुमंत कथा सोमवार से शुरू होगी। इस दौरान 24 फरवरी को कथा स्थल पर खुला दरबार लगाया जाएगा तथा शाम को कथा होगी। कथा के लिए बागेश्वर धाम उपासक शास्त्री रविवार को निर्धारित समय से 5 घंटे पहले पुष्कर के समीप तिलोरा गांव के रिसॉर्ट पहुंचे। उनका पहले शाम 5 बजे किशनगढ़ एयरपोर्ट तथा शाम 7 बजे पुष्कर पहुंचने का कार्यक्रम था। जानकारी मिली है कि उनका कहीं और का कार्यक्रम निरस्त होने की वजह से वे दोपहर 2 बजे तिलोरा स्थित रिसॉर्ट पहुंच गए।
हनुमंत कथा कार्यक्रम के तहत रविवार को कलशयात्रा निकाली गई। नवखंडीय हनुमान मंदिर से लाल रंग की चुनरी ओढ़े जल भरा कलश लिए महिलाएं बैंड एवं डीजे पर बजते भजनों की धुन पर झूमती-गाती कलशयात्रा में शामिल हुईं। कलशयात्रा जाट विश्राम स्थली पहुंची। इस दौरान कई जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया।
कलशयात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर चेन स्नेचर गिरोह ने कई महिलाओं के गले से सोने की चेन तोड़ ली। वारदात के बाद जाट विश्राम स्थली में एक वृद्ध महिला की तबीयत बिगड़ गई और वह जमीन पर गिर गई। अन्य महिलाओं ने पानी पिलाकर उन्हें ढांढस बंधाया। कलशयात्रा में जिलेभर से करीब दो हजार महिलाओं ने हिस्सा लिया।
पुष्कर में 23 से 25 फरवरी 2026 तक नए मेला मैदान में भव्य हनुमंत कथा और दिव्य दरबार का आयोजन प्रस्तावित है। आयोजकों के अनुसार यह पहली बार है जब इस स्तर का कार्यक्रम यहां आयोजित हो रहा है। कथा स्थल विश्व प्रसिद्ध ब्रह्मा मंदिर से करीब दो किलोमीटर दूर स्थित है। यही मैदान प्रतिवर्ष लगने वाले विश्वविख्यात पुष्कर मेले का मुख्य केंद्र भी रहता है।
तीन दिवसीय आयोजन में देशभर से हजारों श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई जा रही है। इसे देखते हुए प्रशासन ने यातायात प्रबंधन, पार्किंग व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, चिकित्सा सहायता और सुरक्षा के विशेष इंतजाम किए हैं। अस्थायी बैरिकेडिंग, कंट्रोल रूम और चिकित्सा शिविर स्थापित किए जा रहे हैं। स्वयंसेवकों की टीम भी श्रद्धालुओं को मार्गदर्शन देने और व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करेगी।
स्थानीय व्यापारियों और होटल व्यवसायियों में भी इस आयोजन को लेकर उत्साह है। उनका मानना है कि बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन से क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। धार्मिक आस्था, सांस्कृतिक गरिमा और व्यवस्थागत तैयारी के बीच पुष्कर में होने वाला यह आयोजन व्यापक आकर्षण का केंद्र बनने जा रहा है।
हनुमंत कथा व दिव्य दरबार न केवल धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि यह सनातन संस्कृति के पुनर्जागरण का भी सशक्त माध्यम बनेगा। यह आयोजन पुष्कर को धार्मिक पर्यटन के वैश्विक मानचित्र पर अधिक सशक्त रूप से स्थापित करेगा। -सुरेश सिंह रावत, जल संसाधन मंत्री