
अजमेर. अजमेर विद्युत वितरण निगम ने अजमेर ग्रामीण क्षेत्र सहित अपने अधीन आने वाले 21 शहरों में विद्युत सुधार के नाम पर किए जाने वाले कार्यो अब ठेके पर दे दिया है। भीलवाड़ा शहर को एमबीसी योजना के तहत यह कार्य ठेके पर एक निजी कम्पनी को दिए जाने के बाद अजमे डिस्कॉम के तहत आने वाले 21 शहरों एफआरटी (फाल्ट रेक्टीफिकेशन टीम,सिस्टम और बीओओआर) बेसिस पर दे दिया है। टेंडर आदेश आईटी विंग के अधीक्षण अभियंता सी.पी.गांधी ने जारी किए हैं। निगम ने मेहरबानी भी हरियाणा की एक कम्पनी पर दिखाई है।
इन शहरों को दिया एफआरटी पर :
नागौर में नागौर, मेड़ता, मकराना,परबतसर, कुचामन,डीडवाना तथा लाडनूं। सीकर के फतेहपुर, लक्ष्मणगढ़,खंडेला,नीम का थाना, श्रीमाधोपुर, सीकर सीएमडी 1,2,3। झुंझुनूं में झुंझुनूं, नवलगढ़, चिड़ावा, पिलानी, खेतड़ी टाउन के अलावा अजमेर जिला सर्किल के ब्यावर, केकड़ी तथा सरवाड़ सब डिवीजन में कार्य उपभोक्ताओं की शिकायतों के निवारण के लिए एक कम्पनी को एफआरटी के तहत ठेका दे दिया गया है।
इधर भी तैयारी, जुटाई जा रही है सम्पत्तियों की जानकारी :
अजमेर के मदार, पुष्कर, सराधना सहित अन्य सब डिवीजनों की सम्पत्तियों, सामान, खम्भे आदि की गणना की जा रही है। कर्मचारी जल्द ही इन सब डिवीजनों को भी निजी कम्पनी को दिए जाने की आशंका जता रहे हैं। अजमेर डिस्कॉम की इस व्यवस्था का अजमेर विद्युत वितरण निगम श्रमिक संघ ने विरोध शुरु कर दिया है। संगठन के अनुसार अजमेर डिस्कॉम के द्वारा एफआरटी के तहत कंजूमर शिकायत केन्द्र को पुराने टेंडर जो कि जनवरी में दिया गया था उसी में अतिरिक्त शिकायत केन्द्र देते हुए निजीकरण के तहत यह आदेश एक ही ठेकेदार को लाभ पहुंचाने के लिए दिया गया है। जबकि इन रथानो पर्याप्त मात्रा में तकनीकी कर्मचारी कार्यरत हैं। ब्यावर के छावनी रिथत पावर हाउस में तकनीकी कर्मचारी धरना प्रदर्शन भी कर चुके हैं। मुख्यमंत्री व प्रबन्ध निदेशक को ज्ञापन भी सौंपा जा चुका है। संगठन ने ठेकों को निरस्त करने की मांग की है। वहीं निगम एमडी बी.एम.भामू का कहना है कि कर्मचारियों की कमी है। इसलिए शिकायत निवारण का ठेका दिया गया है। विरोध सिर्फ कर्मचारी नेता ही कर रहे हैं। अजमेर अन्य सब डिवीजन को ठेके पर नहीं दिया जा रहा है।