अजमेर

अमीर बनने की चाहत में रेलवे कर्मचारी गंवा बैठा 26 लाख रुपए, अजमेर से गुरुग्राम 1 करोड़ 44 लाख रुपए लेने पहुंचा तो उड़े होश

अमीर बनने की चाहत में एक रेलवे कर्मचारी 26 लाख रुपए की साइबर ठगी का शिकार हो गया। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
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Oct 10, 2025
MP government aims to increase per capita income to Rs 22.50 lakh
MP government aims to increase per capita income to Rs 22.50 lakh (फोटो : फ्री पिक)

अजमेर। मुनाफा कमाने के लालच में एक रेलवे कर्मचारी 26 लाख रुपए की साइबर ठगी का शिकार हो गया। जालसाज के झांसे में आकर पीड़ित फर्जी एप पर रकम निवेश करता रहा। इतना ही नहीं रकम उधार लेकर भी निवेश किया लेकिन जब उसको ब्याज की रकम लेने हरियाणा गुरूग्राम बुलाने पर कुछ नहीं मिला तो उसे ठगे जाने का आभास हो गया। पीड़ित ने साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।

थानाधिकारी (आरपीएस) हनुमान सिंह ने बताया कि बहरोड, कोटपुतली, नारायणपुर मुंडावरा हाल जौन्सगंज निवासी रेलवे कर्मचारी मुकेश भूराण ने रिपोर्ट दी कि करीब 3 माह पहले उसे मोबाइल फोन पर कॉल आया। कॉलर ने उसको फाइनेंस और स्टॉक से संबंधित जानकारी वाले सोशल मीडिया ग्रुप से जोड़ने की बात कही।

सोशल मीडिया ग्रुप में जुड़े हुए लोग रोजाना मुनाफे की जानकारी साझा करते थे। ग्रुप में रोजाना डाले जाने वाले मुनाफे की पोस्ट डालकर उसको भी निवेश के लिए उकसाया गया। इसके बाद 16 जुलाई को उसने एप पर रजिस्ट्रेशन करवाया।

गूगल प्ले स्टोर पर एप होने के कारण वह विश्वास में आ गया। उसने सबसे पहले 10 हजार रुपए निवेश किए। जिस पर उसे एप में मुनाफे में दिखाया गया। उसे और मुनाफे का लालच देकर निवेश करवाए गए।

बैंक से ऋण लेकर डाली रकम

पीड़ित मुकेश भूराण ने शिकायत में बताया कि जब उसे 9 लाख 30 हजार का मुनाफा हुआ तो उसने मुनाफे की रकम निकासी करना चाहा तो उसको दो दिन ठहरने के लिए कहा गया। फिर जालसाज ने नए आईपीओ में निवेश कर ज्यादा मुनाफे का झांसा दिया।

इसके बाद एप में उसके खाते में 20 लाख का नुकसान दिखाया। जिस पर काफी बहस हुई। तब उसने ठगों के झांसे में आकर बैंक से 15 लाख रुपए का ऋण लेकर 5 लाख रुपए अपने निवेश के खाते में डाले।

गुरुग्राम में नहीं मिला ऑफिस

पीड़ित मुकेश भूराण ने रिपोर्ट में बताया कि पांच लाख रुपए खाते में डालने के बाद उसे वापस 37 लाख रुपए के मुनाफे में दिखाया गया। उसने फिर मुनाफे की रकम निकालने चाहा लेकिन फिर से गिरावट आई तो उसे फिर से झांसे में लेकर रकम निवेश करवाते रहे।

उसको एक करोड़ 44 लाख रुपए का लाभांश दिखाया गया तो वह जालसाजों के कहने पर हरियाणा गुरुग्राम ऑफिस पहुंचा लेकिन वहां पर उसे कोई नहीं मिला। तब उसे ठगे जाने का एहसास हो गया। जालसाज धोखाधड़ी से उससे 9 सितम्बर तक करीब 26 लाख 35 हजार रुपए की रकम ऐंठ चुके थे।

Updated on:
10 Oct 2025 05:58 pm
Published on:
10 Oct 2025 05:58 pm