अजमेर

साहब के आठ महीने हुए बर्बाद, जाने क्या होगा यूनिवर्सिटी का हाल

हाईकोर्ट ने लगाई है वाइस चांसलर के कामकाज पर 11 अक्टूबर से रोक।
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Jun 08, 2019
vice chancellor in mdsu
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अजमेर. हाईकोर्ट की रोक के चलते महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति का आठ महीने का कार्यकाल खराब हो गया है। इस अवधि को बकाया कार्यकाल में नहीं जोड़े जाने को लेकर कुलपति सहित विशेष विधिक राय लेने में जुटे हुए हैं।

यूजीसी के नियमानुसार कुलपतियों की नियुक्ति को लेकर लक्ष्मीनारायण बैरवा ने राजस्थान हाईकोर्ट की खंडपीठ में याचिका (14914/2018) दायर की थी। इसके आधार पर पूर्व मुख्य न्यायाधीश प्रदीप नंद्राजोग और जस्टिस दिनेश मेहता की खंडपीठ ने महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर. पी. सिंह के कामकाज करने पर रोक लगा दी। विभिन्न सुनवाई के बाद रोक 12 जुलाई तक जारी रखी गई है।

तीन वर्ष के लिए हुई नियुक्ति
राज्यपाल कल्याण सिंह ने बीते वर्ष 5 अक्टूबर को प्रो. आर. पी. सिंह को कुलपति नियुक्त किया था। उनकी नियुक्ति तीन वर्ष के लिए की गई है। हाईकोर्ट के कामकाज पर रोक लगाने से कुलपति के कार्यकाल के करीब आठ महीने खराब हो चुके हैं। इस लिहाज से उनके तीन वर्षीयकार्यकाल (36 माह) में से 28 महीने ही शेष रहे हैं। जुलाई तक यह अवधि नौ महीने की हो जाएगी।

कार्यकाल में जुड़ेंगे या नहीं.....

बगैर कामकाज के कुलपति के कार्यकाल से आठ महीने खराब हो गए हैं। इस अवधि को कार्यकाल में नहीं जोडऩे को लेकर कुलपति सहित विशेषज्ञ परामर्श में जुटे हैं। उधर सरकार ने कुलपतियों को बर्खास्त या हटाए जाने की शक्ति अपने हाथ में लेने के लिए एक्ट में संशोधन की योजना बनाई है। इस पर अमल हुआ तो प्रदेश के कई विश्वविद्यालयों के कुलपति हटाए जा सकते हैं।

ये है मौजूदा एक्ट..

विधानसभा में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक-2017 पारित हुआ था। अधिनियम की धारा 9 (10) के तहत किसी विश्वविद्यालय के कुलपति पद की कोई स्थाई रिक्ति, मृत्यु, त्यागपत्र, हटाए जाने, निबंलन के कारण या अन्यथा हो जाए तो उप धारा 9 के अधीन संबंधित विश्वविद्यालय के कुलसचिव तत्काल कुलाधिपति-राज्यपाल को सूचना भेजेंगे। कुलाधिपति सरकार से परामर्श कर किसी दूसरे विश्वविद्यालय के स्थाई कुलपति को अतिरिक्त दायित्व सौंपेंगे।

Published on:
08 Jun 2019 06:33 am