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Electric Supply : अजमेर डिस्कॉम रखेगा ठेकेदार पर पैनी नजर

Electric Supply : अजमेर डिस्कॉम ने विजिलेंस विंग को दी जिम्मेदारी।
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Updated: 26 Jun 2019, 8:14 AM IST
ajmer discom vigilance
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अजमेर विद्युत वितरण निगम के 11 जिलों में ठेके पर दिए गए 33/11 केवी जीएसएस का संचालन कौन कर रहा है इसकी जांच शुरू हो गई है। निगम के प्रबन्ध निदेशक वी.एस.भाटी ने जारी में आदेश में कहा कि विजिलेंस विंग के अधिशासी अभियंताओं को सप्ताह में चार जीएसएस की जांच करनी होगी।

निगम की विजिलेंस विंग के अधिशासी अभियंता को जीएसएस के ठेका कर्मचारी के डिग्री सम्बन्धी दस्तावेज, पहचान पत्र, साप्ताहिक ड्यूटी चार्ट, लॉगशीट, शट डाउन रजिस्टर, कर्मचारी का बीमा, सुरक्षा उपकरण, सब स्टेशन का मेंटीनेंस स्टेटस तथा ठेके की अन्य शर्तों के अनुसार जांच करनी होगी तथा प्रतिमाह अपनी रिपोर्ट प्रबन्ध निदेशक कार्यालय को भेजनी होगी।

इसके अलावा मुख्य अभियंता, अधीक्षण अभियंता ओ एंड एम तथा विजिलेंस विंग को भी भेजनी होगी। रिपोर्ट मिलने के बाद अधीक्षण अभियंता को इस मामले में कार्रवाई करनी होगी। र्सिकल एओ को भी बिल पास करने से पूर्व रिपोर्ट की जांच करनी होगी।

ठेकेदार नहीं करते नियमों की पालना

निगम 33/11 केवी के जो जीएसएस संचालन के लिए ठेके पर देता है उनमें ठेका शर्तों के अनुसार ठेकेदार को जीएसएस संचालन के लिए तीन आईटीआई कर्मचारी लगाना आवश्यक है। लेकिन अधिकतर जगहों पर ठेकेदार कम रेट पर जीएसएस संचालन का ठेका तो ले लेते हैं लेकिन एक या दो कर्मचारी ही लगाए जाते हैं। इनमें अधिकतर आईटीआई डिग्रीधारी नहीं होते हैं। इनकी लापरवाही के कारण कई बार विद्युत दुर्घटनाएं और कई कर्मचारियों की मौत भी हो चुकी है।

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