अजमेर जिले की गुढ़ा और नारेली की पहाडिय़ों में पैंथर की अक्सर हलचल, वन विभाग ने रखवाया पिंजरा, एहतियात वनकर्मी तैनात,चरवाहों व किसानों में भय
अजमेर. अब तो स्पष्ट हो गया है कि जिले के गुढ़ा और नारेली की पहाडिय़ों में पैंथर (penther) सक्रिय है। पिछले कई दिनों से चरवाहे व किसानों ने पैंथर (penther) को देखा था। उसके बाद से ग्रामीणों में जबरदस्त भय रहा। वन विभाग ने कई जगह पिंजरे रखवाए, लेकिन पैंथर (penther) को पकड़ा नहीं जा सका। मंदिर पुजारी (tempal pujari) ने पैथर के घुर्राने की मोबाइल (mobile) में आवाज रिकार्ड की है। इलाके में पैंथर (penther) के पकमार्क भी में लिए गए हैं।
नारेली समीप गुढ़ा गांव में वन विभाग (forest dipartment) की टीम को पैंथर के पगमार्क मिले हैं। विभाग का दावा है कि पैंथर की हलचल गुढ़ा क्षेत्र से नारेली की पहाडिय़ों की बीच है। उधर, गांव और आसपास के इलाके में दहशत बनी हुई है।
कई दिनों से चरवाहे मवेशियों को जंगल लेकर जाने से कतरा रहे हैं। कई किसान शाम ढलते ही खेत से घर लौटने को मजबूर हैं। वन विभाग( forest dipartment) ने एहतियात के तौर पर वनकर्मियों को तैनात किया है।
नारेली समीप गुढ़ा गांव में माताजी के मंदिर क्षेत्र में दो-तीन दिन से पैंथर (तेंदुआ) दिखाई दे रहा है। ग्रामीणों ने आसपास की झाडिय़ों में दुबका हुआ बताया। सूचना मिलते ही उप वन संरक्षक सुदीप कौर ने टीम भेजी। शनिवार को वन विभाग की टीम ने पहुंचकर ग्रामीणों से बातचीत करने के अलावा क्षेत्र का दौरा किया। साथ में सुरक्षा तैयारी की जानकारी दी।
पुजारी के फोन में आवाज रिकॉर्ड
ग्रामीणों ने बताया कि माताजी के मंदिर के पुजारी ने पैंथर (penther) दिखने की बात कही थी। उसने कुछ ग्रामीणों को फोन पर सूचना दी। इसमें पैंथर (penther) के गुर्राने जैसी आवाज भी रिकॉर्ड हुई है। माताजी के मंदिर क्षेत्र में पुजारी और अन्य इलाकों में ट्रैक्टर चालकों-बाइकर्स ने दो-तीन बार पैंथर देखा।
पगमार्क (pagmark) में तेंदुआ होने की पुष्टि
वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों के बताए स्थान पर पगमार्क भी देखे। इसमें प्रारंभिक तौर पर तेंदुआ होने की पुष्टि हुई। कुछ ग्रामीणों ने शनिवार सुबह नगीना तालाब के आसपास पैंथर (penther) दिखने की बात कही। विभागीय दल ने गुढ़ा और नारेली की पहाडिय़ों में पैंथर (penther) की तलाश की। फिलहाल उन्हें तेंदुआ नजर नहीं आया। अलबत्ता एहतियात के तौर पर वनकर्मी तैनात किए गए हैं।
अजमेर की उप वन संरक्षक सुदीप कौर के अनुसार पैंथर के पगमार्क मिले हैं। गुढ़ा और नारेली की पहाडिय़ों में पैंथर (penther) की अक्सर हलचल बताई गई है। एहतियात के तौर पर वनकर्मियों को तैनात किया गया है।