अजमेर

खेतों में रौनक, किसानों ने शुरू की बुवाई, बारिश का इंतजार

किशनगढ़ पंचायत समिति में 50 हजार हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य
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Updated: 26 Jun 2019, 12:00 PM IST
farmers movement increase in fields in kishangarh, ajmer
The Indian Farmers Association's thinking class

मदनगंज-किशनगढ़.
किशनगढ़ पंचायत समिति अन्तर्गत आने वाले गांवों में अभी तक करीब 200 हैक्टेयर खरीफ की बुवाई हो गई है। काश्तकारों को अच्छी बारिश का इंतजार है। इसके बाद बुवाई में तेजी आएगी। खरीफ की 50 हजार हैक्टेयर में बुवाई का लक्ष्य रखा गया है।
किशनगढ़ पंचायत समिति के कुछ क्षेत्रों में बुवाई की आवश्यकता के अनुसार बारिश होने पर वहां पर बुवाई का दौर शुरू हो गया है। वर्तमान में रलावता, टिकावड़ा सहित आस-पास के क्षेत्रों में करीब 200 हैक्टेयर में बुवाई हुई है। हालांकि अधिकतर क्षेत्रों में बारिश का इंतजार है। बारिश आने के बाद ही बुवाई में तेजी आएगी। उल्लेखनीय है कि प्री मानसून बारिश के साथ ही काश्तकार बुवाई में जुट जाते है। काश्तकारों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है।

खाद-बीज की खरीद जोरों पर
मानसून की दस्तक के साथ ही काश्तकारों ने खाद और बीज की खरीददारी शुरू कर दी है। काश्तकार क्रय विक्रय सहकारी समिति से खाद की खरीददारी कर रहे हैं। बीज का इंतजाम किया जा रहा है। कुछ काश्तकारों ने दुकानों से बीज खरीद लिया है। आगामी दिनों में इसमें ओर तेजी आने की उ?मीद है। काश्तकारों के खेती-बाड़ी में जुटने के कारण कृषि उपज मंडी में भी सन्नाटा पसरने लग गया है। नाममात्र के काश्तकार ही अपनी जिंसें लेकर बिक्री के लिए पहुंच रहे

बुवाई का लक्ष्य।

फसल बुवाई
बाजरा 14,000 हैक्टेयर
ज्वार 24,000 हैक्टेयर
ंंमूंग 10,000 हैक्टेयर
मक्का 1200 हैक्टेयर
तिल 2400 हैक्टेयर
ग्वार 2800 हैक्टेयर
चवला 50 हैक्टेयर
मूंगफली 50 हेक्टेयर
घनिया 140 हैक्टेयर
सब्जिया 100 हैक्टेयर
अन्य 100 हैक्टेयर

खेतों में बुवाई की पूरी तैयारी
काश्तकारों ने बुवाई की पूरी तैयारी कर ली है। खेतों में गहरी खुदाई पहले ही की गई थी। अब उन्हें समतल कर टे्रक्टर आदि चलाए जा रहे है। बारिश आने के साथ ही बुवाई का काम तेज हो जाएगा।

इनका कहना है
अभी कुछ ही जगह पर बुवाई लायक बारिश होने से खरीफ की बुवाई की गई है। आगामी दिनों में इसमें ओर तेजी आएगी। काश्तकार बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

वासुदेव बारहठ, सहायक कृषि अधिकारी कृषि विभाग किशनगढ़

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