अजमेर

पहली बार लोगों को दिखेंगे इतने पेड़, दूर से नजर आएगी हरियाली

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Aug 09, 2018
tree garden
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रक्तिम तिवारी/अजमेर।

शहर को स्मार्ट और हरा-भरा बनाने की योजना के तहत राजस्थान लोक सेवा आयोग-प्राइवेट बस स्टैंड के आसपास जल्द वृक्षकुंज नजर आएगा। वन विभाग इसकी तैयारियों में जुट गया है। यहां चारदीवारी और अन्य कार्य किए जा रहे हैं।

शहर में यूं तो सुभाष उद्यान सहित कई इलाकों में पेड़-पौधे लगे हुए हैं। शास्त्री नगर-लोहागल रोड पर नगर वन उद्यान भी बनाया जा रहा है। लेकिन एक साथ किसी बड़े इलाके में घने पेड़ नहीं दिखते हैं। खासतौर पर जयपुर रोड घूघरा घाटी से अशोक उद्यान तक यही स्थिति है। लिहाजा वन विभाग ने राजस्थान लोक सेवा आयोग के सामने प्राइवेट बस स्टैंड से सटे इलाके में वृक्ष कुंज बनाने का फैसला किया है।

लगाए जाएंगे ये पौधे
प्रस्तावित वृक्षकुंज में कई प्रजातियों के पौधे लगाए जाएंगे। छायादार पौधों में करंज, शीशम, अमलताश, नीम, बड़, सेमल, कचनार, गुलमोहर, अशोक, शीशम, गुलर और पुष्पीय पौधे में गुलाब, चांदनी, चमेली, गुड़हल, नाग चम्पा, कनेर, बोगनवेलिया, रात रानी, क्रोटन, रेलिया शामिल हो सकते हैं। इसके अलावा फलदार पौधों में अमरूद, जामुन, सीताफल, अनार, इमली, गौंदा, फालसा और अन्य लगाए जा सकते हैं। कुछ खास औषधीय महत्व के पौधे भी लगाए जाएंगे। ताकि लोगों को सैर-सपाटा करने का मौका मिले।

वरना अजमेर होता हरा-भरा

वन विभाग ने जापान परियोजना, नाबार्ड सहित कई सरकारी योजनाओं के तहत विभिन्न इलाकों में पिछले 40 साल में पौधरोपण कराया। करीब 35-40 लाख से ज्यादा पौधे लगाए गए। कम बरसात और पानी की कमी से करीब 25 लाख पौधे तो नष्ट हो गए। बचे हुए पौधे किसी तरह चल पा रहे हैं। मालूम हो कि साल 2015 में कम बरसात के चलते विभाग को ढाई हजार के बजाय 1 हजार हेक्टेयर इलाके में ही पौधरोपण कराना पड़ा था।

बन रहा है नगर वन उद्यान
बीते वर्ष 22 जून को वन एवं पर्यावरण मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर ने शास्त्री नगर-लोहागल रोड पर नगर वन उद्यान का शिलान्यास किया था। यहां पाथ-वे और भूमिगत टैंक निर्माण, पानी रोकने के लिए एनिकट, वॉच टावर बनाए गए हैं। इसके अलावा बच्चों के लिए झूले भी लगाए गए हैं। उद्यान में पौधे और हरी घास लगाने का काम जारी है। यहां करीब 300 पौधे लगाए गए हैं। इनमें नीम, पीपल, बरगद, अमलताश, गुलमोहर और अन्य पौधे शामिल हैं। क्षेत्र में कई वन्य जीव भी दिखे हैं। इनमें खरगोश, जरख, सेवली, हिरण और अन्य जीव-जंतु के अलावा बड़े पेड़ों पर तोता, मैना, कोयल और अन्य पक्षी भी बहुतायत में हैं।

Published on:
09 Aug 2018 06:32 am