अजमेर

Garba in Ajmer: धोरों की धरती पर गुजराती संस्कृति की धूम

शहर गरबा-डांडिया की धूम से सराबोर दिखाई दिया। जगह-जगह रोग हाथों में डांडिया लिए गरबा खेलते नजर आए।

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Sep 30, 2019
garba in ajmer
garba in ajmer

अजमेर.

शारदीय नवरात्र (navratra)में गुजरात (gujrat) की संस्कृति से मरुधरा (rajasthan) सतरंगी हो गई। सुरीले संगीत पर पारम्परिक लोकगीत गूंजे तो लोगों के पैर खुद-ब-खुद थिरक उठे। समूचा शहर गरबा-डांडिया (garba and dandiya) की धूम से सराबोर दिखाई दिया। जगह-जगह रोग हाथों में डांडिया लिए गरबा खेलते नजर आए।

नगर निगम (nagar nigam) के तत्वाधवान में पटेल मैदान (patel ground) में गरबा-रास की शुरुआत हुई। महापौर धर्मेन्द्र गहलोत, संयोजक रमेश सोनी, नीरज जैन, चंद्रशेखर बालोटिया सहित अन्य पार्षद ने इसका शुभारंभ किया। ढलती शाम के साथ गुजराती और राजस्थानी परिधानों (tradtional dress) में सजे-धजे युवक-युवतियां (guys and gals) , महिलाएं-पुरुष और बच्चे गरबा करने पहुंच गए।

म्हारो सोना रो घुड़लो..., पंखीड़ा रे पंखीड़ा उड़ ना जाना...., म्हारी अम्बे मैया नै...., म्है तो गरबा रमवा....जैसे मधुर गीत (songs) फिजा में गूंज उठे। सतरंगी लाइटों (colourfull lights) से शहर में दिवाली (Diwali) सा एहसास हुआ। गुजरात से बुलाए गए संगीतकारों और गायक-गायिकाओं ने अपनी सुरीली आवाज (music) से समां बांध दिया। प्रत्येक राउंड में बेस्ट डांडिया पुरुष और महिला, बेस्ट फैंसी ड्रेस, बेस्ट डांडिया सजाने का पुरस्कार दिया गया।

यहां भी हुआ गरबा-डांडिया
आदर्श नगर, बिहारी गंज, माकड़वाली रोड स्थित भक्तिधाम, तोपदड़ा, फायसागर रोड, शास्त्री नगर, नगरा, चित्रकूट, धौलाभाटा, प्रकाश रोड, अजमेर क्लब, वैशाली नगर, पंचशील, कोटड़ा, महाराणा प्रताप नगर, मदार, गुलाबबाड़ी और अन्य

पुलिस की रही मौजूदगी
एसपी कुंवर राष्ट्रदीप (kunwar rashtradeep) के निर्देश पर शहर में रात्रि 10 बजे तक ही गरबा-डांडिया का आयोजन हुआ। प्रमुख स्थानों, कॉलोनियों, गलियों-मोहल्लों में पुलिस (police cops) की मौजूदगी रही। समय सीमा खत्म होते ही पुलिस ने डीजे-संगीत (DJ-Music) बंद करा दिया। देर रात तक लोग गरबा-डांडिया खेलकर घर लौटते दिखे।

Published on:
30 Sept 2019 07:52 am