अजमेर

अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस: प्रिंसिपल की कुर्सी की जगह सडक़ पर बैठना पड़ा छात्राओं को

AJMER NEWS : राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कारनोस में शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस एक ओर होनहार बेटियों को संस्था प्रधान की भूमिका निभानी थी। लेकिन बेटियों को बीच सडक़ बैठकर शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति निरस्त करवाने व व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर आंदोलन करना पड़ा। इससे जहां बेटियों ने अपने हक की आवाज उठाई तो विद्यालय प्रशासन ने सख्त रवैया अपनाते हुए बेटियों के नाम लिखकर पुलिस प्रशासन को थमा दिए।

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Oct 12, 2019
अंतराष्ट्रीय बालिका दिवस: प्रिंसिपल की कुर्सी की जगह सडक़ पर बैठना पड़ा छात्राओं को

पीसांगन. राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय (govt school) कारनोस में कार्यरत शिक्षक (teacher) अलाबख्श व गंगा देवी को प्रतिनियुक्ति पर अन्यंत्र लगाया गया है। शिक्षक शिवपाल बाज्या व शिक्षिका चंदा चौधरी का स्थानान्तरण (transfer) हो जाने के साथ ही नवनियुक्त शिक्षिका वंदना सिंह के द्वारा कार्यभार ग्रहण नहीं किया है। ऐसे में अध्ययन कार्य प्रभावित हो रहा है। वहीं विद्यार्थियों को विद्यालय परिसर में साफ सफाई कराने, हाइवे के उस किनारे स्थित प्राथमिक विद्यालय से पके पोषाहार को माध्यमिक विद्यालय में लाना पड़ता है।


विद्यालय में पेयजल की समुचित व्यवस्था तक नहीं होने से गुस्साए विद्यार्थियों ने शुक्रवार को विद्यालय के मुख्य द्वार पर तालाबंदी कर सडक़ पर जाम लगाकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की सूचना पर उपखंड अधिकारी समदर सिंह भाटी मौके पर पहुंचे और विद्यार्थियों से समझाइश करने लगे। समस्याओं को सुनकर निस्तारण का आश्वासन दिया।थाना इंचार्ज ने लिखे पर्ची पर नामउसी दौरान थाना इंचार्ज किशन सिंह रावत मय जाब्ता विद्यालय पहुंचे और राठौड़ी दिखाते हुए अभिभावकों व नेतृत्व करने वाली बालिकाओं के नाम पर्ची में लिखने लगे। इस पर अभिभावक डर गए और एक-एक कर जाने लगे। वहीं कई बेटियां भी स्कूल से रुखसत हो गई।

इधर शिक्षकों ने भी मौके का फायदा उठाकर विद्यार्थियों को कहा कि जो भी करना है तुम अब करो। विद्यालय प्रशासन द्वारा उपखंड अधिकारी के माध्यम से पुलिस प्रशासन को सौंपी गई विद्यार्थियों की नामजद सूची के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और अभिभावकों को पुलिस के समक्ष पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।

इनका कहना है

अभिभावकों को दूरभाष पर विद्यार्थियों को समझाने की बात कही गई है। ताकि विद्यालय प्रशासन भविष्य में तालाबंदी के कारण उन्हें नोटिस ना दे और टीसी ना काटे।
-किशनसिंह रावत, थाना इंचार्ज पीसांगन

अभिभावकों को काउंसलिंग के लिए बुलवाने हेतु थाना इंचार्ज को सूची देकर अभिभावकों को सूचना देने के लिए कहा गया है।
-समदर सिंह भाटी, उपखंड अधिकारीए पीसांगन

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों को इस तरह प्रताडि़त किया जाना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। प्रदेश सरकार बेटियों व महिलाओं के प्रति संवेदनशीलता के दावे तो बड़े बड़े करती है। लेकिन सरकार असंवेदनशील हो चुकी है। वहीं गृहमंत्री अपनी कुर्सी बचाने में लगे हैं। पूरे मामले में बेटियों को न्याय दिलाऊंगी।
-सुमन शर्मा, पूर्व अध्यक्ष, महिला आयोग राजस्थान।

Published on:
12 Oct 2019 01:54 am
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