Good News : घरों-दफ्तरों अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठानों की छतों पर पानी का रिसाव रोकने वाली टाइल्स से जल्द बिजली बनेगी। जानें कैसे।
रक्तिम तिवारी
Good News : घरों-दफ्तरों अथवा व्यापारिक प्रतिष्ठानों की छतों पर पानी का रिसाव रोकने वाली टाइल्स से जल्द बिजली बनेगी। कई बड़ी कंपनियां सोलर टाइल्स के निर्माण में जुटी हैं। ये टाइल्स सौर ऊर्जा बनाने के साथ-साथ फ्लोर को भी सुंदर बनाएंगी। दिल्ली, मुंबई, कोलकाता सहित बड़े महानगरों में इस तरह की टाइल्स बाजारों में पहुंच चुकी हैं। जल्द छोटे शहरों और गांवों में भी ऐसी टाइल्स लगती नजर आएंगी।
सौर टाइल्स छत पर लगाई जाने वाली आम टाइल्स की तरह हैं। इनका उपयोग सौर ऊर्जा उत्पादन में किया जा सकता है। इन टाइल्स में सौर कोशिकाएं लगाई जाती हैं। यह सूर्य के प्रकाश को बिजली में परिवर्तित करती हैं। घरों में ग्रिड के माध्यम से इन टाइल्स को जोड़ा जाता है। लोग इनसे उत्पादित बिजली का उपयोग दैनिक कामकाज में कर सकते हैं।
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1- लगा सकते हैं पारंपरिक टाइल्स की तरह।
2- आकर्षक और पांरपरिक टाइल्स की तरह मजबूत।
3- पानी रोकने के अलावा ऊर्जा उत्पादन में सहायक।
4- रूफ टॉप प्लांट की लोहे के स्टैंड की जरूरत नहीं।
5- छोटी, बड़ी छत अथवा वृहद क्षेत्र में लगाना आसान।
अजमेर डिस्कॉम पूर्व एमडी एन.एस.निर्वाण ने बताया कि छतों पर पानी का रिसाव रोकने वाली सौर टाइल्स से घर की उपयोगिता के अनुसार बिजली तैयार की जा सकती है। फिलहाल बड़े शहरों में ही उपयोग शुरू हुआ है। छोटे शहरों, गांवों तक यह टाइल्स फिलहाल नहीं पहुंची हैं। इसके अलावा पतली फिल्म जैसे सोलर पैनल भी तैयार हो रहे हैं। दीर्घकाल में इनकी उपयोगिता अच्छी रहेगी।
घरों में 2-8 यूनिट।
बड़े-छोटे दफ्तरों में 4-10 यूनिट।
बड़े उद्योग-होटल में 50-200 यूनिट।
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