Head master exam : 752 अभ्यर्थियों को पात्रता जांच के लिए विस्तारित सूची में अस्थाई रूप से शामिल किया गया है। इनके दस्तावेज सत्यापन का काम काउंसलिंग के माध्यम से किया जाएगा।
अजमेर. राजस्थान लोक सेवा आयोग (rpsc ) ने लंबित परीक्षाओं के परिणाम जारी करने शुरू कर दिए हैं। इसके तहत प्रधानाध्यापक (माध्यमिक विद्यालय) भर्ती-2018 की प्रोविजनल सूची जारी की गई है।
सचिव के. के. शर्मा ने बताया कि माध्यमिक शिक्षा विभाग में प्रधानाध्यापक (head master exam) (माध्यमिक विद्यालय) परीक्षा 2 सिंतबर 2018 को कराई गई थी। इसकी अस्थाई सूची घोषित की गई है। 2752 अभ्यर्थियों को पात्रता (Document verification) जांच के लिए विस्तारित सूची में अस्थाई रूप से शामिल किया गया है। इनके दस्तावेज सत्यापन का काम काउंसलिंग (Councelling) के माध्यम से किया जाएगा।
अभ्यर्थी अपना विस्तृत आवेदन पत्र भरकर काउंसलिंग में शामिल हो सकेंगे। पात्रता जांच विज्ञापन की शर्तों/नियमों के अनुरूप हेागी। शर्तें पूरी नहीं करने वाले अभ्यर्थियों की पात्रता निरस्त की जाएगी। नियमानुसार ही मुख्य चयन सूची (Main selection list) और आरक्षित सूची (RESERVE LIST) जारी की जाएगी। मालूम कि प्रधानाध्याक भर्ती परीक्षा के परिणाम को लेकर अभ्यर्थियों ने पिछले महीने करीब 15 दिन तक धरना दिया था।
आयोग को वर्गीकरण और पदों की नहीं मिली सूचना
आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (ews)और अति पिछड़ा वर्ग (mbc) को देय आरक्षण के तहत विभागवार देय पदों को लेकर राजस्थान लोक सेवा आयोग को कार्मिक विभाग कके जवाब का इंतजार है। मुख्य सचिव ने वित्त विभाग को 10 जुलाई तक आयोग को भेजने के निर्देश थे। फिलहाल इसकी पालना नहीं हुई है। कार्मिक विभाग ने बीते जून में आयोग को पत्र भेजा था। इसमें कहा गया है कि अति पिछड़ा वर्ग के लिए पहले से देय 1 प्रतिशत और सभी प्रक्रियाधीन भर्तियों में 13 फरवरी की अधिसूचना के अनुसार पांच प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इसी तरह 19 फरवरी की अधिसूचना के अनुसार आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को 10 प्रतिशत आरक्षण का लाभ दिया जाएगा। मुख्य सचिव (Chief seceratary)डी. बी. गुप्ता ने संबंधित विभागों को तत्काल अति पिछड़ा वर्ग और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के लिए छाया पदों का सृजन कर 10 जुलाई तक आरपीएससी को सूचित करने को कहा था।