अजमेर

Heavy rain in ajmer: जूनिया और पुष्कर में बाढ़ के हालात

बारिश से जनजीवन पर असर पड़ा। प्रमुख सडक़ों, अंदरूनी मार्गों पर सिर्फ पानी ही पानी दिखा। निचले इलाकों और बाहरी क्षेत्रों के कई घरों, दफ्तरों, स्कूल परिसर और मैदानों में पानी घुस गया।

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Aug 17, 2019
flood situtation in ajmer

अजमेर. घटाएं (clouds) शनिवार को जिले में लगातार ताबड़तोड़ (heavy rain in ajmer) बरसी। गेगल में 145, अजमेर में 104, पुष्कर में 130, किशनगढ़ में 133, अरांई में 97, टाडगढ़ में 115 मिलीमीटर पानी बरसा। बरसात से रिहायशी इलाके, खेत-खलिहान जलमग्न हो गए। जूनिया (junia) और पुष्कर (pushkar) में बाढ़ (flood situation) के हालात बन गए। जूनिया में पानी उफनने से राष्ट्रीय राजमार्ग (national high way) बंद हो गया। वहीं पुष्कर में निचली बस्तियों-गलियों में पानी भर गया। यहां सरोवर में 8 फीट पानी की आवक हो गई। इसका जलस्तर बढकऱ 29 फीट तक पहुंच गया।

अजमेर में शुक्रवार रात से ही काली घटाएं बरसती (barish) रही। प्रकाश रोड, नगरा, धौलाभाटा, वैशाली नगर, स्टेशन रोड, मार्टिंडल ब्रिज, कचहरी रोड सहित प्रमुख मार्गों और अंदरूनी इलाकों (internal area)में तूफानी वेग से पानी की आवक हुई। बारिश (barsat) से जनजीवन पर असर पड़ा। प्रमुख सडक़ों, अंदरूनी मार्गों पर सिर्फ पानी ही पानी दिखा। निचले इलाकों और बाहरी क्षेत्रों के कई घरों, दफ्तरों, स्कूल परिसर और मैदानों में पानी (rain water) घुस गया।

पुष्कर (holy city pushkar) में झमाझम बारिश का दौर चला। पहाड़ी इलाकों से नदी और झरनों से सरोवर में पानी की आवक हुई। यहां 1 अगस्त को हुई बरसात के बाद सरोवर (pushkar lake) का जलस्तर बढकऱ 22 फीट तक पहुंच गया था। शनिवार को हुई बरसात से इसमें 7 फीट पानी और आ गया। कस्बे की अंदरूनी इलाकों में गलियां-सडक़ें (streets and roads) पानी में डूब गई हैं। यहां बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

जूनिया भी जलमग्न हो गया है। राजमार्ग बंद होने से वाहन फंस गए हैं। यही हाल श्रीनगर (srinagar) का हुआ। यहां तीन घंटे झमाझम बरसात से पटे मौदान, बस स्टैंड, खेड़ा चौराहा और अन्य इलाके जलमग्न हो गए। पनेर नदी (paner river) सहित पांच साल बाद नालेश्वर महादेव मंदिर पास झरना छलक पड़ा। यहां सुनारी गाल, गुच्छी तालाब (pond) की चादर चल पड़ी। लगातार बरसात से किशनगढ़ के गूंदोलाव तालाब की चादर भी चल गई। निम्बार्क तीर्थ सरोवर भी लबालब हो गया

भिनाय के बडग़ांव-सूरखंड में कच्चा मकान (house) गिरने से ग्रामीण की मौत (death toll) हो गई। पीसांगन में भी खेतों-खलिहानों, रिहायशी इलाकों और गलियों में इलाकों में पानी भर गया। सागरमती नदी (sagarmati river)में पानी की आवक बढ़ गई। मसीनिया का सडक़ संपर्क टूट गया। क्षेत्र की पुलियाएं अवरुद्ध हो गई। माकड़वाली, होकरा, गगवाना, गेगल, घूघरा, कांकरदा भूणबाय और अन्य इलाकों को भी तेज बरसात (barsat) ने भिगोया। नसीराबाद, मांगलियावास,बिजयनगर सहित कई क्षेत्रों में भी जमकर बरसात (barish) हुई । कई बड़े और छोटे तालाबों, एनिकटों की चादर चल रही है।

Published on:
17 Aug 2019 03:47 pm
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