अजमेर

Higher Education: लॉ यूनिवर्सिटी का नए कोर्स और एफिलिएशन पर फोकस

यूनिवर्सिटी पत्र भेजेगी राज्य सरकार को।
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Apr 18, 2020
Students of law are confused
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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

डॉ. भीमराव अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी नए कोर्स के संचालन और सम्बद्धता का काम जल्द शुरू करेगी। यूनिवर्सिटी इसके लिए राज्य सरकार को पत्र भेजेगी। एक्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी में सत्र 2020-21 से शैक्षिक और प्रशासनिक कार्य प्रारंभ किया जाएगा।

वर्ष 2005-06 में 15 लॉ कॉलेज स्थापित हुए थे। इनमें अजमेर, भीलवाड़ा, सीकर, नागौर, सिरोही, बूंदी, कोटा, झालावाड़ और अन्य कॉलेज शामिल हैं। बीते 15 साल में लॉ कॉलेज पटरी पर नहीं आ सके हैं। विधि शिक्षा में राज्य में महज 125 रीडर और लेक्चरर कार्यरत हैं। कई शिक्षक तो अपने सियासी रसूखात के चलते विश्वविद्यालयों और कॉलेज शिक्षा निदेशालय में पदस्थापित हैं।

खुला अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी
राज्य में अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी की स्थापना हो चुकी है। नियमों और एक्ट के अनुसार यूनिवर्सिटी को लॉ कॉलेज को सम्बद्धता, पाठ्यक्रम निर्माण, परीक्षाओं के आयोजन और कैंपस में कोर्स संचालन करने हैं। सत्र 2020-21 को लेकर यूनिवर्सिटी ने तैयारियां शुरू कर दी हैं।

प्रवेश में हर साल देरी
अजमेर सहित नागौर, सीकर, सिरोही, बूंदी और अन्य लॉ कॉलेज में प्रथम वर्ष के दाखिले हर साल देरी से होते हैं। कॉलेज शिक्षा निदेशालय प्रतिवर्ष बार कौंसिल ऑफ इंडिया की मंजूरी के बगैर दाखिले नहीं करने की शर्त लगाता है। कौंसिल से सशर्त अनुमति देने के आदेश सितंबर से दिसंबर के बीच जारी होते हैं। 2005-06 से यही सिलसिला जारी है।

अभी सम्बद्ध हैं पृथक यूनिवर्सिटी से
ेराज्य में सरकारी और निजी लॉ कॉलेज मौजूदा वक्त अलग-अलग विश्वविद्यालयों से सम्बद्ध हैं। इनमें महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय, राजस्थान विवि, महाराजा गंगासिंह यूनिवर्सिटी बीकानेर, जयनारायण व्यास विवि जोधपुर और अन्य शामिल हैं। कॉलेज में तीन वर्षीय एलएलबी, दो वर्षीय एलएलएम, लेबर लॉ और क्रिमिनोलॉजी डिप्लोमा कोर्स संचालित हैं। इन कॉलेज को सतत प्रक्रिया के तहत ही अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी से सम्बद्धता मिल सकेगी।


यूनिवर्सिटी के एक्ट और नियमों के अनुसार सरकार को पत्र भेजेंगे। अभी सभी लॉ कॉलेज अलग-अलग यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध हैं। भविष्य में कॉलेज किस तरह अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी से सम्बद्ध हों इसके लिए उच्च शिक्षा विभाग से चर्चा की जाएगी।
प्रो.देवस्वरूप, कुलपति डॉ. भीमराव अम्बेडकर लॉ यूनिवर्सिटी

Updated on:
18 Apr 2020 09:17 am
Published on:
18 Apr 2020 09:17 am