अजमेर

हिंदी माध्यम और छोटे शहरों में पढऩा नहीं कॅरियर में बाधक

www.patrika.com/rajathan-news
less than 1 minute read
Jan 13, 2019
small city students
small city students

अजमेर.

हिंदी माध्यम और छोटे शहरों में पढ़ाई करना वैज्ञानिक क्षेत्र अथवा कॅरियर में बाधक नहीं है। यह बात सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय में आयोजित संगोष्ठी में सामने आई है।

संस्थानों में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध

वैज्ञानिक डॉ. विनय गुप्ता के अनुसार वैश्विक स्तर पर अजमेर. भारतीय प्रतिभाएं किसी अन्य देश से कम नहीं है। कम संसाधनों के बावजूद विज्ञान के क्षेत्र में हमारी उपलब्धियां शानदार हैं। हमें अधिक समर्पण और आत्मविश्वास के साथ काम करना चाहिए। विद्यार्थियों से वैज्ञानिक शोध में कॅरियर बनाने का आह्वान करते हुए डॉ. गुप्ता ने कहा कि देश के बड़े वैज्ञानिक संस्थानों में विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध हैं।

उपलब्धियों और कामयाबी

हिंदी माध्यम, छोटे शहरों में पढ़ाई जैसे तर्क वैज्ञानिक कॅरियर में बाधक नहीं हैं। उपलब्धियों और कामयाबी के लिए जुनून, कड़ी मेहनत और प्रयासों की आवश्यकता होती है। वे स्वयं भी राजकीय महाविद्यालय में हिंदी माध्यम के छात्र रहे हैं। इसके बावजूद उन्होंने फ्रांस, जर्मनी, जापान और अमरीका की प्रतिष्ठित प्रयोगशालाओं एवं विश्वविद्यालयों में कार्य किया है।

Published on:
13 Jan 2019 05:14 pm