
बोले शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा : पाठयक्रम के लिए गठित होगी शिक्षा विदों की समिति
अजमेर. शिक्षा मंत्री गोविंदसिंह डोटासरा ने कहा है कि स्कूली शिक्षा पाठयक्रम की समीक्षा के लिए शीघ्र ही शिक्षा विदों की उच्च स्तरीय समिति का गठन किया जाएगा। उन्होने दोहराया कि भाजपा सरकार ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए इतिहास से छेड़छाड़ की और अपनी विचारधारा थोपने का काम किया है।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में प रीक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की समीक्षा करने पहुंंचे डोटासरा ने पत्रकारों से बातचीत करते हुए कहा कि पंडित दीनदयाल महज पार्टी संस्थापक थे। उनकी कांग्रेस के महान नेताओं जवाहर लाल नेहरु, महात्मा गांधी, इंदिरा गांधी और राजीव गांधी से तुलना नहीं की जा सकती।
भाजपा ने पाठयक्रम बदलने की आड़ में कांग्रेसी नेताओं का महत्व कम करने की साजिश की है। उन्होने महाराणा प्रताप और अकबर संबंधी मसले पर भी कहा कि महाराणा प्रताप के संघर्ष, बलिदान और पराक्रम के पाठ आजादी के बाद से ही पढ़ाए जा रहे हैं। भाजपा केवल मुद्दे ढूंढने का काम करती है। उन्होने पाठयक्रम में अपनी मनमर्जी से कुछ पाठ हटाए और कुछ जोड़ दिए। उन्होने कहा कि शिक्षा विदों की समिति पाठयक्रम के मसले पर पूरा मंथन करेगी। राजस्थान की जनता जो चाहती है उस संबंध में सभी लोगों से सुझाव लेकर पाठयक्रम लागू किया जाएगा। उन्होने कहा कि शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के बाद उत्तरपुस्तिकाओं के सही मूल्यांकन और परीक्षाकों की लापरवाही की शिकायतों की समीक्षा के बाद बेहतर शिक्षा प्रणाली लागू करने के प्रयास किए जाएंगे।
माध्यमिक शिक्षा बोर्ड सभागार पहुंचने पर डोटासरा का बोर्ड सचिव मेघना चौधरी, वित्त सलाहकार आनंद आशुतोष, विशेषाधिकारी प्रिया भार्गव, निदेशक जी के माथुर, उप निदेशक राजेन्द्र गुप्ता, कर्मचारी नेता रणजीतसिंह राठौड़, अजय बंसल, मोहनसिंह रावत सहित अन्य ने अभिनंदन किया। डोटासरा ने बोर्ड अधिकारियों से बोर्ड कामकाज और मार्च में होने वाली परीक्षा व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
Published on:
11 Jan 2019 03:17 pm
