
अजमेर. स्मार्ट सिटी smart city परियोजना के तहत पहाडग़ंज श्मशान घाट में बनाया जाने वाला विद्युत शवदाह गृह electric crematorium में अजमेर स्मार्ट सिटी के अभियंताओं की लापरवाही का भेंट चढ़ गया है। यह प्रोजेक्ट 19 अप्रेल को ही पूरा construction होना था लेकिन न तो इसका सिविल वर्क civil work ही अब तक पूरा हुआ और न मशीनरी ही पहुंची है। कोरोना संक्रमण से हो रही मौतों के कारण शहर के ऋषिघाटी श्मशान में ही शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। यहां भी लम्बी कतार है। यहां लकड़ी के साथ ही गैस के जरिए भी कोरोना संक्रमित शवों का अंतिम संस्कार किया जा रहा है। लेकिन लकड़ी नहीं होने अथवा गैस शवदाह बंद होने के कारण लोगों को संक्रमित शवों को घर लेकर लौटना पड़ रहा है। यदि इलेक्ट्रिक शवदाह गृह निर्धारित समय सीमा में शुरु हो जाता तो शहर में दो जगहों पर कोरोना संक्रमितों का दाह संस्कार होने से लोगों को न तो लाइन लगानी पड़ती और न ही संक्रमित शवों को वापस घर ही लेकर जाना पड़ता। इलेक्ट्रिक शवदाहगृह में समय भी कम लगता है।
अभियंताओं की नजर में 'छोटाÓ प्रोजेक्ट
जहां शहर के श्मशान में लंबी लाइनें लगी हुई है और लोग परेशान हो रहे हो वहीं स्मार्ट सिटी के अभियंता प्रोजेक्ट को समय पर पूरा कराने नाकाम साबित हो रहे है। स्मार्ट सिटी अभियंताओं की नजर में इलेक्ट्रिक शवदाह गृह का प्रोजेक्ट 'छोटाÓ है। 50 करोड़ के प्रोजेक्टों की तुलना में इस पर महज 59 लाख रुपए ही खर्च होने है। इसलिए इस अभियंताओं का 'ध्यानÓ इस पर नहीं पड़ रहा है। इलेक्ट्रिक शदागृह का प्रोजेक्ट गुजरात की एक कंपनी मैसर्स अल्फा इक्विपमेंट्स बड़ोदरा को दिसम्बर 2020 में दिया गया था। इसे 19 अप्रैल 2021 को पूरा किया जाना था। लेकिन अभी सिविल कार्य ही पूरा नहीं हो सका। न दीवारें खड़ी हुई और न छत ही डाली जा सकी।
अभियंताओं की लीपापोती
से पूरे हो रहे प्रोजेक्ट पहले ही अभियंताओं और ठेकेदारों की मिलीभगत के चलते स्मार्ट सिटी के प्रोजेक्ट लीपापोती से पूरे हो रहे है। निर्माण कार्यों में घटिया, सीमेंट व क्रेशर डस्ट काम में ली जा रही है। बिना अभियंताओं के निरीक्षण के ठेकेदार मनमर्जी से निर्माण कर रहे हैं। न मैटेरियल क्वालिटी टेस्ट करने के लिए लैब है न अभियंता व ठेकेकदार मेटेरियल ही टेस्ट करवाना चाहते हैं। धड़ल्ले से घटिया निर्माण कार्य जारी है। चाहे व मेडिसिन ब्लॉक हो, पिडियाट्रिक्स ब्लॉक हो, आजाद पार्क हो या फिर पटेल स्टेडियम का स्पोस्र्ट कॉम्पलेक्स। सभी जगह धांधलेबाजी हो रही है। कोरोना के नाम पर अभियंता अजमेर, जयपुर तथा कोटा के अपने घरों से ही वर्क फ्रॉम होम से ही प्रोजेक्टों कर निरीक्षण उसे पूरा करवा रहे हैं।
इनका कहना है
देरी के कारण निर्माण कम्पनी को नोटिस दिया गया है। इसे जल्द पूरा करवाया जाएगा।
अनिल विजयवर्गीय, मुख्य अभियंता, स्मार्ट सिटी,अजमेर
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