अजमेर

Illegal Drugs: अजमेर बन रहा ड्रग सेंटर, पहुंच रहा घातक नशा

पुलिस की हालिया कार्रवाई में शहर और ग्रामीण अंचल से नशे की बड़े खेप पकड़ी गई है।
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Jan 09, 2020
drug in ajmer
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रक्तिम तिवारी/अजमेर.

अजमेर जिला धीरे-धीरे ड्रग्स (Illegal drugs) का बड़ा केंद्र बनता जा रहा है। तमाम दावों के बावजूद देश के विभिन्न हिस्सों से जिले में मादक पदार्थ (drugs) पहुंच रहे हैं। हालांकि पुलिस ने बड़े मामलों में कार्रवाई की है, लेकिन घातक नशा लोगों को परोसा जा रहा है। तस्करों की निगाहें खासतौर पर युवा पीढ़ी पर है।

यूं तो अजमेर में कई वर्षों से मादक पदार्थों की तस्करी जारी है। दरगाह इलाके के जालियान कब्रिस्तान, तारागढ़ और आसपास के इलाकों में अवैध तस्करी होती रही है। तस्करों ने अब अपना नेटवर्क गांवों-कस्बों तक बढ़ा लिया है। पुलिस की हालिया कार्रवाई में शहर और ग्रामीण अंचल से नशे की बड़े खेप पकड़ी गई है।

नशे की यह बड़ी खेप बरामद
-पुलिस की विशेष टीम ने 7 दिसंबर को सराधना गांव से रामनिवास (51) पुत्र सुरजकरण जाट के कब्जे से 7 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद किया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में माला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किा।
-एटीएस जयपुर की टीम ने 20 दिसंबर को लोहाखान इलाके में दबिश देकर चार किलो एमडी ड्रग का जखीरा पकड़ा था। इस मामले में चार आरोपियों की गिरफ्तारी भी हुई।
बांदनवाड़ा के निकट गोवलिया गांव में 4 जनवरी को स्पेशल टम ने दबिश देकर 487 किलो डोडा-पोस्त और 2.920 किलोग्राम अफीम बरामद की गई थी। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। यहां विदेशी पिस्टल और सात कारतूस भी पकड़े गए थे।
तीर्थनगरी पुष्कर में केटामाइन इंजेक्शन की बड़ी मात्रा बरामद।

युवाओं-बच्चों पर खास नजरें
अजमेर में मुंबई, गुजरात, पश्चिम बंगाल और अन्य इलाकों से मादक पदार्थों की खेप पहुंच रही है। तस्कर (smugglers) ट्रेन, बस और निजी कारों में चोरी-छिपे अफीम, डोडा, गांजा, ब्राउन शुगर, कोकीन और अन्य मादक पदार्थ पहुंचा रहे हैं। अजमेर में पुलिस (police) की सक्रियता को देखते हुए अब उन्होंने नेटवर्क गांवों-कस्बों तक बढ़ाया है। तस्करों की नजरें किशोरवय बच्चों (childs) और युवाओं (youth) पर हैं।

यूं परोसा जा रहा नशा
खानाबदोश और होटल-रेस्टोरेंट (hotel restaurant) में कामकाज करने वाले बच्चों सहित कई युवा नशे का सेवन करते हैं। वे सिगरेट में गांजा, ब्राउन शुगर (brown sugar), कोकीन (cokine) का इस्तेमाल करते हैं। इसके अलावा अफीम-व्हाइटनर सूंघते हैं। तस्करों के एजेंट पुष्कर, दरगाह, लोहाखान और कई इलाकों में नशे की पुडिय़ा चोरी-छिपे बेचते हैं।

Updated on:
09 Jan 2020 09:48 am
Published on:
09 Jan 2020 09:48 am