इस मामले में बिच्छू बाबा की दुकान पर कामकाज करने वाले सलीम को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
अजमेर
बिच्छू (scorpion) और उससे निर्मित दवाओं (medicine) की खरीद-फरोख्त मामले की जांच जारी है। वन विभाग ने मृत बिच्छुओं का पोस्टमार्टम (autopsy) कराया। साथ ही उन्हें तय स्थान पर डिस्पोज (dispose) कर दिया गया। इसके अलावा एक दल आरोपित बिच्छू बाबा की तलाश में पश्चिम बंगाल (west bengal) भेजा गया है।
दरगाह (ajmer dargah) के आमबाव इलाके में वन विभाग ने 8 अगस्त को बिच्छू बाबा की दुकान (shops) पर छापा मारा था। यहां रेंजर मोहनलाल सामरिया और सुधीर माथुर के नेतृत्व में वन विभाग की टीम को हजारों की तादाद में मरे हुए बिच्छू और इनके तेल से निर्मित दवाएं (medicine) मिली। इस दौरान दो जिंदा बिच्छू भी बरामद किए गए। इस मामले में बिच्छू बाबा की दुकान पर कामकाज (service) करने वाले सलीम को 15 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजा गया है।
कराया पोस्टमार्टम
विभाग ने हजारों को संख्या में मिले मृत बिच्छुओं का पोस्टमार्टम कराया। इनके आवश्यक नमूने (sample) लेकर फॉरेंसिंक लैब (forensic science) भेजे गए हैं। इसके बाद बिच्छुओं को तय स्थान पर डिस्पोज कर दिया गया। इस दौरान वन विभाग ने मृत बिच्छुओं के फोटोग्राफ (snaps) भी लिए। ताकि प्रजाति के बिच्छुओं के बारे में छानबीन करने में आसानी रहे।
बाबा की तलाश जारी
वन विभाग ने बिच्छू सहित उससे निर्मित तेल-दवाएं (oil and medicine) जब्त की हैं। उधर दुकान संचालक हकीम एस. के. अनवर उर्फ बिच्छू बाबा को बंगाल जाना बताया गया। लिहाजा उसकी तलाश (search operation) में दल भेजा गया है। विभाग उसके खिलाफ भी वन्य जीव अधिनियम में मामला दर्ज करा सकता है।
मृत बिच्छू और उनसे निर्मित दवाओं के मामले की छानबीन जारी है। दुकान संचालक की तलाश में दल भेजा गया है। बिच्छुओं का पोस्टमार्टम कराने के बाद डिस्पोज ऑफ किया गया है।
सुदीप कौर, उप वन संरक्षक वन विभाग