अजमेर

Innovation: हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल को जांच अधिकार का इंतजार

संसाधन, तकनीकी जानकारी और अहम बिंदुओं की जानकारी प्रशिक्षण में दी जाएगी।

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Jan 12, 2020
inquiry order

अजमेर. हैड कांस्टेबल (head constable) और कांस्टेबल (constable) को विभिन्न मामलों की तफ्तीश के अधिकार का इंतजार है। अनुभवी और योग्य हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल को आवश्यक प्रशिक्षण (training) और परीक्षा (exam) के बाद ही यह संभव होगा।

मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने आपराधिक मामलों की त्वरित जांच और तफ्तीश के लिए हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल को भी अनुसंधान के लिए अधिकृत (registered) करने को कहा है। पुलिस मुख्यालय इसकी तैयारियों में जुटा है।

अनुभवी और योग्य हैड कांस्टेबल को चिन्हित किया जा रहा है। इन्हें अनुसंधान में अपनाए जाने वाले संसाधन, तकनीकी (technique) जानकारी और अहम बिंदुओं की जानकारी प्रशिक्षण में दी जाएगी। बीते साल पुलिस महानिदेशक डॉ. भूपेंद्र यादव ने साल 2020 में पुलिस को प्रशिक्षित हैड कांस्टेबल और कांस्टेबल का प्रथम बैच बनाने की बात कही थी।

यह होगी योग्यता...
अनुसंधान की गुणवत्ता और गंभीरता को देखते हुए योग्यता (eligibility) भी तय की गई है। स्नातक और नौ वर्ष की पुलिस सेवा तथा अश्योर्ड कॅरियर प्रोग्रेस (एसीपी) प्राप्त करने वाले कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल को ही इसमें चुना जाएगा। इसके अलावा थाने (thana) अथवा पुलिस चौकी (police chowky) में पांच साल की सेवा पूरी कर चुके कांस्टेबल और हैड कांस्टेबल को भी शामिल किया जाएगा।

करनी होगी परीक्षा उत्तीर्ण
अनुसंधान का प्रशिक्षण लेने के बाद उन्हें पुलिस महानिदेशक (DGP bhupendra singh) द्वारा निर्धारित परीक्षा भी उत्तीर्ण करनी जरूरी होगी। हैड कांस्टेबल को सात साल और कांस्टेबल का दो साल तक के दंडनीय अपराधों की तफ्तीश (inquiry) की जिम्मेदारी दी जा सकेगी। इनके द्वारा किए जाने वाले तफ्तीश-अनुसंधान की मॉनिटरिंग संबंधित पुलिस अधीक्षक और उप अधीक्षक करेंगे।

Published on:
12 Jan 2020 07:52 pm
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