अजमेर

Jagan Gurjar Murder: जेल में जहां हुई जगन गुर्जर की हत्या, निकलवाए वहां के CCTV फुटेज; जिम्मेदारों पर गाज गिरना तय

Jagan Gurjar murder case: घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस व न्यायिक जांच ने गति पकड़ ली है। सिविल लाइंस थाना पुलिस के अलावा महानिरीक्षक जेल ने हाई सिक्योरिटी जेल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ली।
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Jul 03, 2026
Jagan Gurjar Murder Case
जगन गुर्जर और विष्णु। पत्रिका फाइल फोटो

अजमेर। घूघरा हाई सिक्योरिटी जेल में डकैत जगन गुर्जर की हत्या के मामले में पुलिस व न्यायिक जांच ने गति पकड़ ली है। सिविल लाइंस थाना पुलिस के अलावा महानिरीक्षक जेल ने गुरूवार को हाई सिक्योरिटी जेल के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज ली। ब्लॉक व सेल में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज निकालने के लिए अभय कमांड सेंटर की तकनीकी टीम का सहयोग लिया। प्रकरण में उच्च न्यायालय के संज्ञान के बाद गुरुवार को अजमेर जेल प्रशासन भी सक्रिय हो गया है।

वारदात में लापरवाही बरतने वाले जेल के जिम्मेदारों पर गाज गिरना तय माना जा रहा है। पड़ताल में यह तथ्य भी सामने आया है कि जगन की सेल का सीसीटीवी कैमरा 19 से 24 जून तक सामान्य रूप से कार्यरत था, लेकिन 25 जून को कथिततौर पर तकनीकी खराबी आ गई। कैमरे का बंद होना जेल प्रशासन की कार्य प्रणाली को शक के दायरे में लाता है।

बंदियों, स्टाफ के बयान दर्ज

प्रकरण में अनुसंधान कर रही सिविल लाइंस थाना पुलिस ने वारदात के समय वार्ड में मौजूद बंदियों, जेल प्रहरी व अन्य स्टाफ के पुलिस व न्यायिक अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज करवाए। इसमें जेल प्रहरी सुरेन्द्र और जितेन्द्र के बयान अहम माने जा रहे हैं।

विष्णु की गिरफ्तारी पर खुलेंगे राज

दस्यु जगन गुर्जर की हत्या का सूत्रधार व पहली और आखरी कड़ी हार्डकोर बंदी विष्णु सिंह है। सिविल लाइंस थाना पुलिस ने उसकी प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी के लिए गुरूवार को कोर्ट में प्रार्थना पत्र पेश किया। कोर्ट के आदेश पर सम्भवतः शुक्रवार को विष्णु को पुलिस जेल से प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तार करेगी।

25 जून से बंद था कैमरा

पत्रिका की पड़ताल में सामने आया कि हाई सिक्योरिटी जेल के वार्ड संख्या 2 के ब्लॉक 4 की सेल संख्या 5 का सीसीटीवी कैमरा 19 से 24 जून तक सामान्य रूप से कार्यरत था, लेकिन 25 जून को कथिततौर पर तकनीकी खराबी आ गई। हालांकि कैमरे का बंद होना भी जेल प्रशासन को शक के दायरे में लाता है।

सुबह 10 बजे कैमरे पर लगाया टूथपेस्ट

प्रारंभिक पड़ताल में सामने आया है कि आरोपी बंदी विष्णु ने वारदात से पहले सुबह करीब साढ़े 10 बजे सेल के भीतर लगे सीसीटीवी कैमरे के लेंस पर टूथपेस्ट लगा दिया ताकि कैमरे का विजन धुंधला हो जाए और
उसकी गतिविधियां स्पष्ट रूप से रिकॉर्ड ना हो सकें। इसके बाद उसने जगन को बातचीत और लूडो के खेल में उलझाकर पीछे से गमछे से गला घोंट दिया।

बाहर नहीं आया तो साथियों ने दी आवाज

विष्णु ने जगन के शव को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की। गमछे व बेडशीट की मदद से शव को पंखे से लटकाने का प्रयास किया लेकिन कामयाब नहीं रहा। जेल प्रहरी दोपहर 3 बजे सेल का गेट खोलकर चला गया। ब्लॉक 4 के सारे बंदी बाहर आ गए लेकिन जगन के सेल से बाहर नहीं आने पर साथी बंदियों ने आवाज लगाई। जवाब नहीं मिलने पर देखने पर वह अचेत अवस्था में पड़ा था।

प्रोटोकॉल व निगरानी पर सवाल

जानकारी के अनुसार हार्डकोर बंदियों की सेल खोलने, बंद करने की जिम्मेदारी केवल जेल प्रहरियों के पास थी जबकि नियमों के अनुसार इस प्रक्रिया के दौरान जेलर, उप कारापाल या ड्यूटी इंचार्ज की मौजूदगी आवश्यक मानी जाती है। ऐसे में सुरक्षा प्रोटोकॉल के पालन और निगरानी व्यवस्था को लेकर भी जांच एजेंसियां गहनता से पड़ताल में जुटी हैं।

फुटेज का विश्लेषण किया जाएगा

जेल से सीसीटीवी कैमरे की फुटेज हासिल की है। फुटेज का विश्लेषण किया जाएगा। ब्लॉक के बंदियों के साथ जेल स्टाफ के पुलिस बयान दर्ज करने के साथ न्यायिक अधिकारी के समक्ष बयान दर्ज करवाए हैं। विष्णु की प्रोडक्शन वारंट पर गिरफ्तारी के लिए न्यायालय में प्रार्थना पत्र पेश किया है।
शम्भू सिंह शेखावत, थानाप्रभारी, सिविल लाइंस अजमेर

Updated on:
18 Jul 2026 01:32 pm
Published on:
03 Jul 2026 08:01 am