
हनुमान बेनीवाल व इनसेट में जगन गुर्जर। पत्रिका फाइल फोटो
जयपुर। कुख्यात डकैत जगन गुर्जर की जेल में हुई हत्या के बाद अब नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने बड़ा बयान दिया है। सांसद हनुमान बेनीवाल ने जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा कि जगन गुर्जर की हत्या में एक व्यक्ति का हाथ नहीं हो सकता है। जेल सिस्टम में ऊपर से नीचे तक मिलीभगत के बिना ऐसी घटना संभव नहीं है। साथ ही उन्होंने सीसीटीवी कैमरों के बंद होने और उन पर टेप लगे होने जैसी परिस्थितियों पर भी सवाल उठाए। हनुमान बेनीवाल ने सीबीआई जांच की मांग उठाते हुए कहा कि निष्पक्ष जांच से ही पूरी सच्चाई सामने आ सकेगी।
राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने कहा कि यदि सरकार में दम है तो मामले की सीबीआई जांच कराए, क्योंकि तभी पूरी सच्चाई सामने आएगी। इसमें जेल विभाग, पुलिस और सरकार के कई बड़े अधिकारी जेल जाएंगे। इस हत्याकांड में कई लोगों का हाथ है। मैंने पहले ही दिन कहा दिया था कि सीबीआई जांच जरूरी है। उन्होंने कहा कि जेल के सीसीटीवी कैमरों पर टेप लगाना, कैमरों का बंद होना और हत्या की परिस्थितियां कई तरह के सवाल खड़े करती हैं। जैसे जेल में बंद विष्णु सिंह ने जगन गुर्जर की हत्या का गुनाह कबूल किया, ऐसा लगता नहीं है कि एक ही आदमी जगन गुर्जर की हत्या कर सकता है।
इससे पहले 29 जून को हनुमान बेनीवाल ने एक्स पर लिखा था कि अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में बंद जगन गुर्जर की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मृत्यु हो जाना अत्यंत गंभीर घटना है। जगन की हत्या की घटना राजस्थान की सबसे सुरक्षित मानी जाने वाली जेल की सुरक्षा व्यवस्था एवं जेल प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न खड़े करती है। यह घटना प्रथम दृष्टया जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था में गंभीर लापरवाही की ओर संकेत करती है। साथ ही, इस पूरे मामले में किसी प्रकार की मिलीभगत या साजिश की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसी परिस्थितियों में केवल विभागीय जांच से निष्पक्ष एवं पारदर्शी सत्य सामने आने की संभावना कम प्रतीत होती है। इसलिए प्रदेश के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से अपील है कि इस मामले की जांच तत्काल प्रभाव से सीबीआई से करवाई जाए, ताकि घटना के पीछे की साजिश, जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों की भूमिका का पर्दाफाश हो सके।
उन्होंने आगे लिखा था कि पिछले कुछ समय से राजस्थान की जेलों से मुख्यमंत्री को धमकियां दिए जाने, आम नागरिकों एवं व्यापारियों से रंगदारी और वसूली की धमकियां देने, नशे के कारोबार संचालित होने तथा संगठित अपराधों के संचालन जैसी घटनाएं लगातार सामने आती रही हैं। ऐसे घटनाक्रम यह संकेत देते हैं कि कई माफिया एवं हार्डकोर अपराधी जेलों के भीतर से भी अपना आपराधिक नेटवर्क संचालित करते हुए राजस्थान में समानांतर सरकार चला रहे है जो कानून-व्यवस्था के लिए अत्यंत गंभीर चुनौती है।
अजमेर हाई सिक्योरिटी जेल में 29 जून को डकैत जगन गुर्जर की हत्या कर दी गई थी। जेल में बंदी विष्णु सिंह पर जगन की गला घोंटकर हत्या करने का आरोप है। हालांकि, जगन गुर्जर के परिजनों का कहना है कि साजिश के तहत जेल में हत्या की वारदात को अंजाम दिया गया। जगन गुर्जर के भाई पप्पू गुर्जर ने भी जेल स्टाफ की मिलीभगत का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि जगन की हत्या सुनियोजित साजिश के तहत 7-8 लोगों ने की है। पप्पू गुर्जर ने दावा किया था कि हत्या से पहले उसे नींद की गोली दी गई और घटना के समय सीसीटीवी कैमरे भी बंद थे। बता दें कि बुधवार को डकैत जगन गुर्जर का धौलपुर के डांग स्थित भवुतीपुरा गांव में अंतिम संस्कार किया गया। बेटे आसाराम ने मुखाग्नि दी थी। इस दौरान 9 थानों की पुलिस मौजूद रही थी।
Updated on:
02 Jul 2026 01:04 pm
Published on:
02 Jul 2026 12:23 pm
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