
सोनम राणावत /अजमेर. पूरे परिवार का ध्यान रखने वाली महिलाएं आज भी खुद से जुड़ी खास बातों से अंजान हैं। अनदेखी ,अज्ञानता व खुले तौर पर खुद से जुड़े संवेदनशील मुद्दो पर चर्चा ना कर पाना इसका मुख्य कारण है। कहने को तो आज महिलाएं भी हर क्षेत्र में पुरूषों के समान हैं लेकिन महीने के उन पांच दिनों में आज भी महिलाओं को हीन भावना से देखा जाता है।
ग्रामिण क्षेत्रों में तो आज भी यह स्थिति है कि महिलाएं इस तरह के विषयों पर ना केवल बात करने पर हिचकिचाती हैं बल्कि ऐसे दिनों में जानकारी व साधनों के अभाव में स्वच्छता का ध्यान भी नहीं रख पाती हैं।
हम बात कर रहे हैं महिलाओं को हर महीने होने वाली 'माहवारीÓ के बारे में । ऐसे दिनों में स्वच्छता ना रखने से कई खतरनाक बिमारियां हो सकती हैं। ऐसे में महिलाओं को इस तरह के संवेदनशील मुद्दों के बारें में जागरूक करने की जरूरत है।
उन दिनों में यूं रखें स्वच्छता का ध्यान-
1.आज भी ग्रामिण क्षेत्रों में महिलाएं एक ही कपड़े को धो कर बार-बार काम में लेती हैं जिससे की उसमें जिवाणु हो जाते हैं जो कि स्वास्थय के लिए हानिकारक है , ऐसे में महिलाओं को एक ही क्वालिटी के अच्छे सेनेट्री नेपकिन इस्तेमाल करने चाहिए।
2.समय-समय पर बदलें पेड्स-कई घंटों तक एक ही पेड को लगाए रखने से भी संवेदनशील अंगों पर इचिंग,सूजन व लिक्विरिया जैसी खतरनाक बिमारी हो सकती है , ऐसे समय में महिलाओं को ब्लड फ्लो के आधार पर तकरीबन तीन से चार बार पेड बदलना चाहिए ।
3.गर्म पानी से करें स्नान- इन दिनों में महिलाओं में चिड़चिड़ापन ,थकान और पेट व कमर दर्द जैसी कई परेशानियां होती है ऐसे में महिलाएं यदि हल्के गुनगुने पानी से नहाएं तो शरीर स्वस्थ होने के साथ ही दर्द में आराम भी मिलेगा।
4.यह जरूरी चीजें जरूर रखें पास- महिलाओं व युवतियों को सेनेट्री नेपकीन के साथ ही अपने पास टिशू पेपर,एंटीसेप्टिक दवा,हैंड सैनिटाइजर के साथ पानी की बोतल व खाने पीने का पोष्टिक आहार भी अपने साथ रखना चाहिए ।
5. इन दिनों में सूती कपड़ें पहने- आजकल महिलाओं व युवतियों में लैगिंग, जैगिंग व जींस इत्यादि का अधिक चलन देखने को मिल रहा है। उन दिनों में इस तरह के टाईट कपड़ों को पहनना भी खतरनाक साबित हो सकता है, क्योंकि इसतरह के कपड़ों में शरीर को हवा नहीं लगने से भी गिलेपन के कारण बिमारियां हो सकती हैं, इसलिए केवल कॉटन के कपड़ें ही महिलाओं को ऐसे में पहनने चाहिए।
6. गर्म पेय पदार्थों का करें इस्तेमाल- ऐसे दिनों में महिलाओं को चाहिए कि गर्म दूध, चाय, कॉफी सूप इत्यादि पेय पदार्थों का अधिक सेवन करना चाहिए ।
मैकअप के साथ ही अपनी स्वच्छता का भी रखें ध्यान-
महिला रोग विशेषज्ञ डॉ दिपाली जैन ने जानकारी देते हुए बताया कि महिलाएं अपने मैकअप पर हजारों रूपए हर महीने खर्च कर देती हैं, लेकिन पिरीयड्स के उन पांच दिनों में अच्छी क्वालिटी के नेपकीन नहीं खरीद कर स्वच्छता का ध्यान नहीं रखती हैं, जिससे शरीर व बॉडी के सेनसिटीव एरिया के आस-पास कई तरह की बिमारियां हो सकती है।
कई केस तो ग्रामिण क्षेत्रों के ऐसे भी देखें हैं जहां महिलाएं बोरी के पीस, सूती कपड़े इत्यादि का आज भी इस्तेमाल करती हैं, जो कि महिलाओं को नहीं करना चाहिए। महिलाओं को कॉटन के अच्छे पेड्स का इस्तेमाल करना चाहिए साथ ही इन दिनों में किसी भी तरह की समस्या हो तो तुरन्त चिकित्सक से परामर्श लेना चाहिए।