
अजमेर.
अजमेर विकास प्राधिकरण की विजयाराजे सिंधिया नगर योजना के चयनित आवेदक करीब 5 महीने से प्राधिकरण में अपने डिमांड नोट के लिए चक्कर लगा रहे हैं। वहीं प्राधिकरण ने अब तक बड़ी संख्या में आवेदकों को उनके दस्तावेज उपलब्ध कराने के लिए पत्र ही नहीं भेजे हैं।
19 अप्रेल को इस योजना की लॉटरी निकाली गई थी, लेकिन महीनों बीत जाने के बाद भी करीब 150 आवेदकों के डिमांड नोट अब तक जारी नहीं हो सके। डिमांड जारी नहीं होने के मामले में एडीए के बाबुओं का कहना है कि एडीए में लीगल साइज के पेपर खत्म हो गए हैं इसलिए डिमांड नोट जारी नहीं हो रहे हैं। वहीं बड़ी संख्या में लॉटरी प्रक्रिया में वंचित रहे आवेदकों की राशि भी अब तक उनके बैंक खातों में नहीं पहुंची है। अपनी बकाया राशि के लिए भी लोग एडीए के चक्कर काट रहे, लेकिन उन्हें सही जानकारी नहीं दी जा रही है।
प्राधिकरण की इस योजना के 446 भूखंडों के लिए 3839 आवेदन प्राप्त हुए थे। इसकी लॉटरी जून माह में निकाली गई थी। इस योजना से एडीए को 36 करोड़ रुपए की आय होनी है, लेकिन कर्मचारियों की ढिलाई के कारण एडीए को वित्तीय हानि हो रही हैं।
रेरा में है पंजीयन
एडीए की यह पहली योजना है जो रेरा अप्रूव्ड है। इस योजना में समय पर विकास कार्य नहीं होने पर एडीए के खिलाफ जुर्माना सहित अन्य कार्यवाई हो सकती है।
सिंगल विंडो का बुरा हाल
एडीए के बाबुओं के साथ ही एडीए की सिंगल विंडो का हाल भी बदहाल है। सिंगल विंडो का सारा काम चंद ऑपरेटरों के भरोसे ही है। उनकी ‘मर्जी’ पर ही फाइलें आगे बढ़ती हैं। सिंगल विंडों का काम संभाल रही फर्म ई-कनेक्ट का ठेका चार माह पूर्व ही खत्म हो गया है। इसे चार माह का विस्तार दिया है। यह अवधि भी 31 अगस्त को समाप्त हो रही है।
दो दिन में जारी करें डिमांड नोट
डिमांड नोट जारी करने में बरती जा रही ढिलाई का मामला एडीए अध्यक्ष शिव शंकर हेड़ा की जानकारी में आने के बाद उन्होंने सचिव हेमंत स्वरूप माथुर, उपायुक्त एन. एल. राठी के समक्ष नाराजगी जताई। इसके बाद हरकत में आए अधिकारियों ने बाबुओं तथा सिंगल विंडो संचालक को तलब करते हुए दो दिन में सभी डिमांड नोट जारी करने के निर्देश दिए। हेड़ा ने कहा कि इसके लिए कर्मचारियों की टीम गठित की जाए, ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।