
Ajmer Lawyer Police Controversy: अजमेर के बाबूगढ़ में वाहनों के सीट कवर फाड़ने को लेकर पड़ोसियों के बीच हुआ विवाद शनिवार शाम गंज थाने पहुंच गया। पुलिस ने दोनों पक्षों के तीन लोगों को हिरासत में लिया। इनमें एक युवक के अधिवक्ता होने की जानकारी सामने आने के बाद मामला गरमा गया। वकील की ड्रेस में जमीन पर बैठे युवक का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल होने पर जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष योगेंद्र ओझा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ता गंज थाने पहुंचे और विरोध जताया। बाद में ड्यूटी ऑफिसर प्रभात कुमार ने खेद प्रकट किया, जिसके बाद मामला शांत हुआ। पड़ोसियों के विवाद में पुलिस ने परस्पर मुकदमे दर्ज कर अनुसंधान शुरू कर दिया।
वायरल वीडियो व फोटो के बाद बार एसोसिएशन अध्यक्ष ओझा ने आरोप लगाया कि जूनियर एडवोकेट समीर जाटव को थाने में अधिवक्ता की ड्रेस में जमीन पर बैठाकर रखा गया। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। सूचना पर सीओ दरगाह हर्षित शर्मा और सीओ नॉर्थ शिवम जोशी भी गंज थाने पहुंचे।
सीओ शर्मा व जोशी की मौजूदगी में बार पदाधिकारियों से वार्ता हुई। पुलिस ने थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगाले तो सामने आया कि हिरासत में लिए जाने के समय समीर जाटव ने केवल सफेद शर्ट और काली पेंट पहन रखी थी। बाद में उसने परिचित से काला कोट और कॉलर मंगवाकर थाने में पहना। इसके बाद समीर ने फोटो वायरल कर दी। हालांकि, बार एसोसिएशन पदाधिकारियों ने अधिवक्ता को जमीन पर बैठाने को गंभीर माना। ड्यूटी ऑफिसर प्रभात कुमार ने बार अध्यक्ष ओझा से घटना पर खेद जताते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति नहीं होने का विश्वास दिलाया।
पुलिस के अनुसार, 11 सितंबर को वाहनों के सीट कवर फाड़ने और वाहनों में नुकसान को लेकर विवाद हुआ था। एक पक्ष की महिला ने पड़ोसियों पर वाहनों की सीट धारदार हथियार से फाड़ने, मारपीट, धक्का-मुक्की व लज्जाभंग के आरोप लगाए। दूसरे पक्ष की महिला ने भी स्कूटर की सीट फाड़ने, वाहन में नुकसान, मारपीट व लज्जाभंग की रिपोर्ट दी। दोनों पक्षों की रिपोर्ट पर परस्पर मुकदमे दर्ज कर जांच शुरू की गई।
दो पक्षों के झगड़े में तीन जनों को हिरासत में लिया गया था। इनमें एक अधिवक्ता थे, जिसकी जानकारी ड्यूटी ऑफिसर को नहीं थी। मामले में बार अध्यक्ष से खेद जताया गया है।
-हर्षित शर्मा, सीओ दरगाह
जूनियर अधिवक्ता के साथ जिस प्रकार का व्यवहार हुआ, वह उचित नहीं था। अधिवक्ता को ड्रेस में जमीन पर बैठाना गलत है। पुलिस अधिकारी की ओर से खेद प्रकट करने और कार्रवाई के आश्वासन के बाद मामला शांत हुआ।
-योगेंद्र ओझा, अध्यक्ष, जिला बार एसोसिएशन अजमेर