अजमेर

जूनियर स्टूडेंट्स पर नजर, छात्रसंघ चुनाव की तैयारी

सीनियर छात्रों ने नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और पसंदीदा कोर्स में प्रवेश के लिए समझाइश शुरू कर दी है।

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Jul 12, 2019
student union election

अजमेर

छात्रसंघ चुनाव भले ही अगस्त में होने हैं, पर छात्र संगठनों के पदाधिकारी और सीनियर विद्यार्थियों ने शैक्षिक संस्थानों में मोर्चा सम्भाल लिया है। महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय सहित विभिन्न कॉलेज में इन दिनों प्रवेश प्रक्रिया जारी है। सीनियर छात्रों ने नए प्रवेश लेने वाले विद्यार्थियों को मार्गदर्शन और पसंदीदा कोर्स में प्रवेश के लिए समझाइश शुरू कर दी है।

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विश्वविद्यालय में इन दिनों कॉमर्स, साइंस, आट्र्स, सोशल साइंस, लॉ और अन्य संकाय में दाखिलों का दौर चल रहा है। कई विद्यार्थियों ने विभिन्न कोर्स में प्रवेश के लिए ऑनलाइन फार्म भरे हैं। इन विद्यार्थियों की विश्वविद्यालय और कॉलेज में आवाजाही का दौर भी जारी है। इसको ध्यान में रखते हुए सीनियर छात्र-छात्राओं ने चुनावी तैयारियां भी शुरू कर दी है। है।

मदद के लिए तत्पर सीनियर

जूनियर विद्यार्थियों की मदद के लिए सीनियर छात्र-छात्राओं ने मोर्चा सम्भाला है। विश्वविद्यालय और कॉलेज के मुख्य प्रवेश द्वार पर ही पुराने और भावी छात्रनेताओं का जमावड़ा देखा जा सकता है। ये छात्रनेता नवागंतुक विद्यार्थियों को विभिन्न कोर्स में दाखिले लेने की सलाह देने, मार्कशीट, सर्टिफिकेट बनवाने में सहायता कर रहे हैं।

आखिर लडऩा है छात्रसंघ चुनाव
विश्वविद्यालय और कॉलेज कई छात्र-छात्राओं को छात्रसंघ चुनाव लडऩा है। इनमें एनएसयूआई और अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद से जुड़े छात्र शामिल हैं। भले ही विश्वविद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या कम हो, लेकिन यहां का अध्यक्ष बनना गौरवपूर्ण माना जाता है। यही हाल सम्राट पृथ्वीराज चौहान राजकीय महाविद्यालय, राजकीय कन्या महाविद्यालय और दयानंद कॉलेज का है। छात्र संगठनों के प्रतिनिधियों की कैंपस में चहल-पहल बढ़ गई है। पूर्व छात्र संघ अध्यक्ष और पदाधिकारी भी कैंटीन, चाय की थडिय़ों पर देखे जा सकते हैं।

जीप-कार और दीवार पर पोस्टर

छात्रसंघ चुनाव के भावी प्रत्याशियों ने अभी से प्रचार-प्रसार भी शुरू कर दिया है। जीप-कार पर छात्रों ने बड़े-बड़े अक्षरों में नाम लिखवाए हैं। कई छात्र नेताओं के साथ मेड़ता, थांवला, पादूकला, मकराना, नागौर और अन्य शहरों-कस्बों के विद्यार्थी भी जुड़े हुए हैं। इसका मकसद कांग्रेस और भाजपा नेताओं के अलावा एनएसयूआई और एबीवीपी के सर्वोच्च पदाधिकारियों को अपनी ताकत का एहसास कराना भी है।

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Published on:
12 Jul 2019 06:34 am
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