अजमेर

साहब के कारनामे देखकर चकराए अफसर, यूं फाइल्स में से निकल रहे गहरे राज

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Sep 02, 2018
bank loan scam
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अजमेर.

बैंक ऑफ बड़ौदा की रामगंज शाखा में ऋण के नाम पर करोड़ों रुपए के कथित घोटाले को लेकर बैंक प्रशासन फिलहाल असंमजस की स्थिति में है। बैंक के उच्चाधिकारियों का मानना है कि यह घोटाला है या फिर दस्तावेजों को लेकर अनियमितता इसकी जांच चल रही है। पूरे मामले की जानकारी बैंक मुख्यालय भिजवा दी गई है।

बैंक शाखा में पिछले दिनों ऋण के नाम पर कथित घोटाले का मामला सामने आया था। बैंक प्रशासन ने प्रथमदृष्टया शिकायत के मद्देनजर बैंक की प्रबंधक ज्योति यादव को निलम्बित कर दिया था। इसके बाद बैंक प्रशासन ने एहतियात के तौर पर यादव के कार्यकाल के दौरान दिए ऋणों की फाइलें खंगालना शुरू कर दिया है।

प्रोसेस में रह जाती है औपचारिकताएं

बैंक उच्चाधिकारियों का कहना है कि ऋण स्वीकृत करते समय कई बार फाइल में कुछ दस्तावेज कम रह जाते हैं। उन्होंने घोटाले की संभावना से इंकार तो नहीं किया अलबत्ता ऋण स्वीकृत करते समय दस्तावेजों संबंधी कुछ अनियमितताओं को लेकर संभावना व्यक्त की है। बैंक की ऑडिट टीम ऐसे ऋण की गहन जांच कर रही है। बैंक अधिकारियों का मानना है कि अगर किसी ऋण में दस्तावेज कम रह गए हैं तो संबंधित पक्ष से मंगवा लिए जाएंगे।

इसलिए नहीं दर्ज कराई रिपोर्ट

बैंक प्रशासन की ओर से अब तक पुलिस अथवा किसी सरकारी जांच एजेंसी में शिकायत दर्ज नहीं कराने से सवालिया निशान भी खड़े हो गए हैं। बैंक अधिकारियों का तर्क है कि जब तक विभागीय जांच में यह घोटाला साबित नहीं हो जाता तब तक पुलिस में मामला दर्ज कराना जल्दबाजी होगी।


हर साल बचेगी हजारों क्विटंल लकडिय़ां

शहर का पहला गैस आधारित शव दाहगृह ऋषि घाटी श्मशान में जरूरतमंद आमजन के लिए उपलब्ध हो गया। तीन महीने से यह नि:शुल्क उपलब्ध रहेगा। इसके बाद इस शव दाहगृह के जरिए अंतिम संस्कार करने के लिए दो हजार रुपए देने होंगे। गैस आधारित शवदाह गृह से एक दिन में 10 शवों का अंतिम संस्कार किया जा सकेगा। अंतिम संस्कार के लिए लकडिय़ां फूंकने की जरूरत नहीं पड़ेगी। इससे पर्यावरण सुरक्षा के साथ-साथ दाह संस्कार के लिए लकडिय़ों पर निर्भरता भी खत्म होगी।

Published on:
02 Sept 2018 07:14 pm