
अजमेर.
लॉकडाउन से पूरा देश और दुनिया प्रभावित है। व्यापार-वाणिज्य, शिक्षा से लेकर यातायात व्यवस्था तक ठप है। बदली हुई कार्यशैली और जीवन शैली के अनुरूप लोगों ने भी खुद को ढाल लिया है। हालांकि तमाम व्यस्तताओं में भी लोग फुर्सत के कुछ पल निकाल रहे हैं। पत्रिका लॉकडाउन सीरीज में शहर के शैक्षिक संस्थानों के प्रमुखों ने कुछ यूं विचार साझा किए।
दो घंटे व्यायाम से शुरुआत
देहली वल्र्ड पब्लिक स्कूल के चेयरमैन जयसिंह चौहान ने बताया कि उनकी सुबह की शुरुआत वर्कआउट से होती है। दो घंटे तक व्यायाम करने के बाद चाय-नाश्ता करते हैं। इसके बाद स्कूल प्राचार्य और स्टाफ से ऑनलाइन मीटिंग और ई-लर्निंग पर चर्चा करते हैं। बच्चों के लिए ऑनलाइन स्टडी और उनके हैल्थ केयर पर विचार-विमर्स करते हैं। यह सिलसिला सुबह से शाम तक चलता है।
स्वस्थ और फिट रहें बच्चे
सालभर की व्यस्तता के बाद लॉकडाउन ने कुछ फुर्सत के पल भी दिए हैं। जयसिंह ने इंडोर गेम के अलावा कुछ पुरानी पसंदीदा फिल्म देख लेते हैं। उन्होंने बताया कि बच्चों पर पढ़ाई का बहुत ज्यादा बोझ भी सही नहीं है। लिहाजा वे स्टाफ के साथ बच्चों को फिट और स्वस्थ रहने पर चर्चा करते हैं। बच्चों के अभिभावकों को न्यूट्रिशिनिस्ट पौष्टिक आहार के बारे में बताते हैं। साइकोलॉजिस्ट उन्हें रोचक खेल और योग-व्यायाम की जानकारी देते हैं।
ऑनलाइन क्लास और एक्टिविटीज
देहली पब्लिक स्कूल की प्रिंसिपल नीरू पाठक ने बताया कि वे सुबह दो घंटे टहलने के अलावा हल्का व्यायाम करती हैं। परिवार के साथ चाय पीने के बाद वे ऑनलाइन मीटिंग और ई-क्लासरूम प्लानिंग पर स्टाफ से चर्चा करती हैं। बच्चों के लिए ऑनलाइन स्टडी और लेक्चर अपलोड करने के साथ-साथ उनसे वीडियो अथवा वॉट्सएप कॉलिंग पर एकेडेमिक चर्चा होती है।
संगीत सुनने और बुक पढऩे का शौक
पाठक ने बताया कि लॉकडाउन में ऑनलाइन कामकाज से व्यस्तता बढ़ गई है। लेकिन फुर्सत मिलने पर वह अच्छा साहित्य पढ़ती हैं। कुछ देर संगीत भी सुनती है। उन्होंने बताया कि बच्चों को पढ़ाई के साथ-साथ कई गतिविधियों में व्यस्त रखते हैं। बच्चों ने सोशल डिस्टेंसिंग पर ऑनलाइन पोस्टर, घर पर रहने के संदेश तैयार किए हैं। कोरोना लॉकडाउन विषय पर ड्राइंग और पेंटिंग भी बनाई हैं। बच्चों को फिट और स्वस्थ रखने के लिए डांस, एरोबिक्स और जूड़ो-कराटे की क्लास भी ऑनलाइन चल रही हैं। योग-व्यायाम की जानकारी दी जाती है।