लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें से कागज के टुकड़े निकले। यह देखने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ।
अजमेर. ठग और लुटेरे नित नए हथकंडे अपनाकर लोगों को शिकार बना रहे हैं। पुलिसकर्मी (fake police cops) बनकर लुटेरे (loot) ने सावर के ग्रामीण (villager) से 18 हजार (18 thousand rupees) रुपए उड़ा लिए। लुटेरे ने असली नोट लेकर उसे खाली कागज (blank paper) थमा दिए। पीडि़त ने सिविल लाइंस थाने में शिकायत दी है।
सावर निवासी उगमाराम वैवाहिक कार्यक्रम (marraige ceremony) के लिए खरीददारी करने अजमेर आया था। वह सुबह सावित्री चौराहा पहुंचा। यहां एक युवक ने उसे आवाज देकर टोका।
पुलिसकर्मी की तरह ली तलाशी
उगमराम ने सिविल लाइंस थाने को दी शिकायत (report) में बताया कि लुटेरे ने खुद को पुलिसकर्मी (poice cops) बताते हुए तलाशी देने को कहा। उसने नकली नोट (fake note) पर सरकार की सख्ती होना भी बताई। उसकी जेब से निकले 18 हजार रुपए चेक (check rupees) करने करने के बाद लुटेरे ने एक कागज पर हस्ताक्षर कर लिए।
जांचे तो निकले कागज
लुटेरे ने इधर-उधर की बातें करते हुए एक लिफाफे (envelope) में नोट (currency) वापस डालकर उसकी जेब में ठूंस दिया। साथ ही किसी से जिक्र नहीं करने की हिदायत दी। कुछ दूर जाकर जब उसने लिफाफा खोलकर देखा तो उसमें से कागज के टुकड़े (papers) निकले। यह देखने के बाद उसे ठगी का एहसास हुआ।
घर पर किलेबंदी, पीडि़ता नहीं हुई मीडिया से रूबरू
अजमेर डेयरी अध्यक्ष रामचंद्र चौधरी पर दुष्कर्म (rape case) का आरोप लगाने वाली पीडि़ता मीडिया से रूबरू नहीं हो सकी। घर के बाहर कथित किलेबंदी के चलते वह अपना पक्ष नहीं रख पाई।
पीडि़ता ने 23 अक्टूबर को रामगंज थाने में अजमेर डेयरी अध्यक्ष (ajmer dairy chairman) के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया था। डेयरी अध्यक्ष चौधरी ने भी उसके खिलाफ ब्लैकमेल (black mail) करने और 10 लाख रुपए की डिमांड करने का आरोप लगाकर मामला दर्ज कराया है। पीडि़ता ने सेशन कोर्ट में मीडिया के समक्ष घटनाक्रम बताने की बात कही थी।
लेकिन वह नहीं पहुंच पाई। मालूम हो कि पीडि़त ने जवाहरलाल नेहरू अस्पताल में यौन शोषण से संबंधित सैम्पल (sample) देने से मना कर दिया था। मामले की जांच रामगंज थाना प्रभारी गोमाराम कर रहे हैं।
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